रांची: झारखंड के चर्चित दोहरी हत्याकांड मामले में दोषी पूर्व विधायक पौलुस सुरीन की ओर से दायर क्रिमिनल अपील पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई न्यायधीश रंगन मुखोपाध्याय और न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान पौलुस सुरीन की ओर से वरीय अधिवक्या बी. एम. त्रिपाठी ने आदालत में पक्ष रखा। अदालत ने आगे की सुनवाई के लिए 27 अप्रैल यानी सोमवार की तारिख तय की है।
Highlights:
जेठा कच्छप की अपील
इस मामले में दोषी करार दिए गए दूसरे आरोपी जेठा कच्छप ने भी हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की है। संभावना जताई जा रही है कि अगली सुनवाई में उनकी ओर से भी अदालत में पक्ष रखा जाएगा। 2013 में हुआ था चर्चित दोहरा हत्याकांड यह मामला वर्ष 2013 का है। 27 नवंबर 2013 को भूषण सिंह और राम गोविंद सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया था कि घटना के समय दोनों अपने घर के अंदर बैठे हुए थे। उसी दौरान हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
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पूर्व विधायक पर हत्या का आरोप
इस हत्याकांड के बाद दर्ज मामले में पुलिस ने तत्कालीन विधायक पौलुस सुरीन और जेठा कच्छप को आरोपी बनाया था।
जांच के बाद दोनों के खिलाफ मामला अदालत में चला और लंबे समय तक सुनवाई जारी रही। करीब 11 साल तक चले इस मामले में अदालत ने 10 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाया। अदालत ने पौलुस सुरीन और जेठा कच्छप को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 12 गवाह पेश किए गए थे।
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चार आरोपी हो चुके बरी
इस मामले में तीन महिलाओं समेत चार अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में पहले ही बरी कर दिया गया था। हालांकि अदालत ने पौलुस सुरीन और जेठा कच्छप के खिलाफ पेश किए गए साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए उन्हें दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। अब इस मामले में सभी की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और आने वाले फैसले पर टिकी हुई है। यदि अदालत अपील स्वीकार करती है तो दोषियों को राहत मिल सकती है, वहीं सजा बरकरार रहने की स्थिति में उन्हें जेल में ही रहना होगा।


