दिल्ली: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने तीन उभरती एयरलाइंस यानी शंख एयर, अल हिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस की टीमों से मुलाकात की। यह कदम दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो के बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्दीकरण संकट के बाद अधिक बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है। मंत्री ने अपने सोशल मीडिया पर बताया कि शंख एयर को पहले ही डीजीसीए से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी मिल चुका है, जबकि अल हिंद एयर यानी केरल के अलहिंद ग्रुप की और फ्लाईएक्सप्रेस यानी हैदरा,.बाद की कूरियर कंपनी को इस सप्ताह एनओसी जारी हुई है। शंख एयर एयरलाइंस उत्तर प्रदेश के शहरों जैसे लखनऊ, वाराणसी, आगरा और गोरखपुर को सस्ती दरों पर जोड़ने पर फोकस करेगी।
भारत सरकार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार में नई एयरलाइंस को प्रोत्साहित कर रही है, उड़ान योजना ने स्टार एयर, फ्लाई91 जैसी छोटी एयरलाइंस को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में मजबूती बनाई है। दिसंबर की शुरुआती दौर में, इंडिगो द्वारा नए क्रू-रोस्टरिंग नियमों के अनुकूल न हो पाने के कारण व्यापक स्तर पर कोफी उड़ानें बाधित हुईं थीं। जिससे देश भर के कई हवाई अड्डों पर लाखों यात्री फंसे थे। इस संकट के केंद्र में वे नियम थे जिनके तहत पायलटों और केबिन क्रू को अधिक आराम करने की आवश्यकता थी, जिसमें पहले के 36 घंटे के बजाय 48 घंटे का साप्ताहिक अवकाश और रात में लैंडिंग पर सख्त सीमाएं शामिल थीं।
इंडिगो एयरलाइन पर नए नियमों का पालन करने के लिए व्यवस्था न करने का आरोप लगाया गया है। जिसके कारण इंडिगो के पास कर्मचारियों की कमी हो गई, जिससे उसे अपने आधे से अधिक विमानों को रोकना पड़ा। इंडिगो की भारतीय विमानन उद्योग में करीब 60 फीसदी से अधिक परिचालन बाजार हिस्सेदारी है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी CCI इस बजट एयरलाइन की जांच ट्रस्ट विरोधी नियमों के तहत कर रहा है। टाटा समूह के राजस्व वाली एयर इंडिया की घरेलू बाजार में लगभग 25% की हिस्सेदारी है, जिसके बाद अकासा एयर और स्पाइसजेट का स्थान आता है।


