बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने आखिरकार अपने मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान कर दिया है।
राजद (RJD) प्रमुख तेजस्वी यादव को महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया गया है।
यह घोषणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। गहलोत ने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार में अन्य उपमुख्यमंत्री भी होंगे, जो पिछड़े और अति पिछड़े समुदायों से आएंगे, ताकि सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
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अशोक गहलोत ने साधा NDA पर निशाना
अशोक गहलोत ने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा, “हमारा नेता तो स्पष्ट है – तेजस्वी यादव। अब NDA बताए कि उनका मुख्यमंत्री चेहरा कौन है। सिर्फ यह कहना कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा, काफी नहीं है। जनता को साफ-साफ बताना चाहिए कि नेतृत्व कौन करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि महागठबंधन बिहार में जनता की सरकार बनाने के लिए पूरी तरह एकजुट है और इस बार जनता बदलाव के पक्ष में मतदान करेगी।
तेजस्वी यादव बोले – 20 साल की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे
तेजस्वी यादव ने खुद पर जताए गए भरोसे के लिए सभी सहयोगी दलों का आभार जताया। उन्होंने कहा, “सभी दलों ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, मैं उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। बिहार के लोगों ने अब तक 20 साल पुरानी निकम्मी सरकार देखी है। अब समय आ गया है कि बिहार को नए रास्ते पर ले जाया जाए।”
तेजस्वी ने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि, “20 साल से जेडीयू और 11 साल से मोदी शासन के बावजूद बिहार आज भी देश का सबसे गरीब राज्य है। यहां न उद्योग है, न रोजगार। लोग पलायन करने को मजबूर हैं। बिहार के युवाओं को अपने ही राज्य में अवसर नहीं मिल रहा है।”
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में “बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता।” उन्होंने कहा कि राज्य में अफसरशाही इतनी बढ़ गई है कि अब विभागों को मंत्री नहीं, अफसर चला रहे हैं। तेजस्वी बोले, “यहां चूहे पुल गिरा देते हैं, पटना की सड़कों पर गोलियां चलती हैं, बिजनेसमैन की हत्या हो जाती है, लेकिन सरकार सोई रहती है।” उन्होंने कहा कि जनता अब इन झूठे वादों से ऊब चुकी है। “हमारी सरकार बनी तो भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी और बिहार को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे ले जाया जाएगा।”
50 मिनट चली महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस लगभग 50 मिनट तक चली, जिसमें 7 दलों के 14 नेता मंच पर मौजूद थे। राजद की ओर से तेजस्वी यादव, अब्दुल बारी सिद्दीकी, मनोज झा और संजय यादव उपस्थित थे। कांग्रेस की ओर से अशोक गहलोत, राजेश राम, कृष्णा अल्लावरू, पवन खेड़ा और अभय दुबे मंच पर मौजूद थे।
वहीं, वामपंथी दलों में सीपीआई (माले) से दीपंकर भट्टाचार्य, सीपीआई (एम) से ललन चौधरी और सीपीआई से रामनरेश पांडे शामिल हुए। वीआईपी पार्टी की ओर से मुकेश सहनी और ऑल इंडिया पान महासभा नेशनल से आईपी गुप्ता भी मंच पर मौजूद रहे। सभी नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महागठबंधन एकजुट और मजबूत है और आने वाले चुनाव में जनता को एक नया विकल्प देने जा रहा है।
NDA पर नकल करने का आरोप
तेजस्वी यादव ने एनडीए पर नकल की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमने पेंशन बढ़ाने की बात की तो इन्होंने भी वही कहा। हमने नौकरी देने की बात की तो इन्होंने भी वही घोषणा कर दी। इनके पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है। ये सिर्फ कुर्सी बचाने की राजनीति कर रहे हैं, न कि बिहार को आगे बढ़ाने की।” उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन आने वाले दिनों में एक स्पष्ट विज़न डॉक्युमेंट जारी करेगा, जिसमें बिहार के विकास, रोजगार, शिक्षा और कृषि क्षेत्र में सुधार की पूरी योजना होगी।


