रांची: जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में आरोपित जेपीएससी की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर शुक्रवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने पक्ष रखा। उनकी ओर से बताया गया कि टीडीपीएल के चयन में उनकी कोई भूमिका नहीं है। जहां तक व्हाट्सएप पर आंसर की भेजने का मामला है तो वह वेबसाइट पर प्रकाशित होने के बाद भेजा गया है।
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इससे पहले सुनवाई के दौरान CID ने विशेष कोर्ट में बताया कि श्वेता गुप्ता के ऊपर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं, ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दिया जाना चाहिए. इस दौरान सीआईडी ने कोर्ट को बताया गया कि श्वेता गुप्ता ने अपने मोबाइल से व्हाट्सऐप के जरिए आंसर की लीक किए हैं. श्वेता गुप्ता के विरुद्ध CID की तरफ से करीब 1000 पन्नों की केस डायरी कोर्ट में प्रस्तुत की गई है. इसमें आरोपियों के विरुद्ध कई साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए गए हैं.
बता दें कि श्वेता गुप्ता को CID ने अगस्त महीने में गिरफ्तार किया था. जिसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है. CID ने JPSC परीक्षा में अनियमितता को लेकर कांड संख्या 16/2026 दर्ज की है और अब तक इस केस में 24 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बता दें कि एल ख्यांग्ते पर परीक्षा में शामिल एजेंसियों से कमीशन के तौर पर मोटी रकम लेने का आरोप है.


