झारखंड : रांची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदित्य साहू, जो कि भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद हैं, ने राज्य के वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा केन्द्र सरकार के गृह मंत्री को एक पत्र लिखकर कश्मीर के पर्यटन तथा अर्थव्यवस्था के बारे में चिंता जताए जाने पर तीखा विरोध जताया। साहू ने कहा कि राज्य की अपनी व्यवस्था ध्वस्त है, लेकिन मंत्री का फोकस बाहर के मामलों पर है।
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राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास पर गहरी चिंता
आदित्य साहू ने कहा कि वर्तमान में झारखंड सरकार ने जनता से विकास व बेहतर व्यवस्था का वादा किया था, परन्तु आज नागरिक निराश और हताश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या, लूट, सामूहिक बलात्कार और अवैध खनन जैसी वारदातें आम होती जा रही हैं। अस्पतालों की स्थिति भयावह होती जा रही है और अपराधी स्पष्ट तौर पर बेलगाम हो चुके हैं।
निवेश और पर्यटन पर संकट
साहू ने कहा कि झारखंड को प्रकृति ने अपार सौंदर्य और पर्यटन-प्रस्ताव दिए हैं, लेकिन ऐसे हालात में न तो उद्योगधंधे आते हैं, न पूंजी निवेश होता है और न ही परिवार-सहित पर्यटन के लिए कोई राज्य की ओर आकर्षित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जबकि मंत्री कश्मीर की अर्थव्यवस्था की चिंता कर रहे थे, उन्हें झारखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन की चिंता करनी चाहिए थी।
मंत्री को दिया सुझाव
आदित्य साहू ने सुझाव दिया कि राधाकृष्ण किशोर को केन्द्र के गृह मंत्री को पत्र लिखने की बजाय राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य के पर्यटन, अर्थव्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था को संभालने की पहल करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में झारखंड को “विकसित झारखंड”, “अपराध-भ्रष्टाचार मुक्त झारखंड” की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।
इस प्रकार, झारखंड भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार की प्राथमिकताएँ बदलने की माँग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में विकास व सुरक्षा के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई होना चाहिए, न कि बाहरी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना।
इस बयान से राज्य के राजनीतिक माहौल में हलचल मची हुई है और आने वाले समय में इस पर और उर्जा देखी जा सकती है।


