नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सोमवार को गुरूग्राम से दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर पहुंचे. यहां पर उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा तो सिर्फ़ शुरुआत है, मुद्दे का असली इलाज होना चाहिए. सोनम वांगचुक ने कहा, “इस्तीफ़ा सिर्फ़ शुरुआत है. अगर इस मुद्दे का इलाज हो तो हमारा देश एक बेहतर जगह बनेगा. मेरे हिसाब से यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अभी बातचीत चल रही है और मुझे उम्मीद है कि बहुत सकारात्मक बातचीत के ज़रिए देश के लिए सही क़दम उठाया जाएगा. इससे हम आपसी सद्भावना के साथ एक बेहतरीन व्यवस्था लागू कर पाएंगे.”
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सोनम वांगचुक ने पब्लिक एग्ज़ामिनेशन अमेंडमेंट बिल पर कहा कि यह अच्छी बात है, इस पर चर्चा होनी चाहिए और अच्छी तरह विचार करने के बाद सही क़दम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने आगे कहा, “शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. अगर कुछ शरारती लोग ग़लत इरादे से काम कर रहे हैं, तो हम यह नहीं कह सकते कि कुछ भी नहीं होगा.” वांगचुक ने कहा, “लेकिन मैं यह साफ़ करना चाहता हूं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारा संवैधानिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए. बाक़ी मामलों में क़ानून अपना काम करेगा.”
अस्पताल से मिली छुट्टी
इससे पहले सोनम वांगचुक ने कहा था कि उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से आज छुट्टी मिल जाएगी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा है, ”आज वो दिन आया जब मैं इस अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूं. काफ़ी बेहतर महसूस कर रहा हूं. मैं ठीक से खा रहा हूं और शरीर में भी जान आ रही है.”
”मैं आज अपने घर लद्दाख जाने से पहले राजघाट पर जाकर बापू को श्रद्धांजलि दूंगा. आप लोगों को याद होगा कि ऐसे ही मैं जब स्विट्जरलैंड से आया था तो तो राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद ही अनशन शुरू करने जंतर-मंतर गया था. जाने से पहले मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने आवाज़ से आवाज़ मिलाकर एक आंदोलन को चलाया और हम कामयाब भी हुए. हम आगे भी आपसे जुड़े रहेंगे.”


