दिनाजपुर: गुरुवार को बंगाल के इटाहार में एसआइआर (SIR) को लेकर तनाव और हिंसा की स्थिति पैदा हो गई। इलाके के काफी लोगों ने यह आरोप लगाया कि एसआइआर सुनवाई के डर से एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली, जिसके वजह से सभी लोग नाराज हो गए और एक स्कूल में चल रहे एसआइआर सुनवाई केंद्र पर गुस्साई भीड़ ने हमला कर दिया।
इटाहार के मुरलीपुकुर गांव में बुधवार की सुबह इस घटना की शुरुआत हुई जब चंदू सरकार का शव उनके घर के पास एक आम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिवार के लोगों का आरोप है कि उसकी पत्नी जिन्नातुन खातून के नाम पर एसआइआर सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद ही वह तनाव में था, सुनवाई कैंप जाने से पहले ही आत्महत्या कर ली। घटना की खबर मिलते ही सुबह करीब 12 बजे कई संख्या में लोग लाठी – डंडे को लेकर इटाहार हाई स्कूल पहुंचकर अधिकारियों पर हमला बोल दिया। उस क्षेत्र से कुछ अधिकारी किसी तरह भागकर अपनी जान बचा सके, लेकिन बाद में पतिराजपुर क्षेत्र के अधिकारियों को निशाना बनाया गया। इसमें कई अधिकारियों को काफी चोट लगी। लोगों ने काफी तोड़ फोड की और साथ ही महत्वपूर्ण दस्तावेज को फाड़कर बिखेर दिया। स्कूल में उस समय पढ़ाई चल रही थी , जिससे बच्चे और शिक्षक भी डर गए।
सूचना मिलते ही रायगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुंतल बंद्योपाध्याय मौके पर पहुंची। सुनवाई कई घंटों तक पूरी तरह बंद रही , बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच सुनवाई की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई। तृणमूल के कांग्रेस विधायक ने सड़क जाम किया, वहीं दूसरी ओर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय इंतजार चौक पर 12 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक मुशर्रफ हुसैन और उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। बंगाल में मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर थाना इलाके के हरिबासर मंदिर में एक घटना हो गई। रात के समय पांच मूर्तियों की तोड़ फोड किया गया। स्थानीय लोगों ने मंदिर के पास बाग में टूटी मूर्तियां बिखरे देखकर आक्रोशित हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई। वहां के लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटना पहले कभी नहीं हुई, और लोगों के दोषियों की पहचान कर गिरफ्तार करने की मांग की है। मालदा के पुलिस अधीक्षक अभिजीत बंद्योपाध्याय ने कहा कि घटनास्थल पर पुलिस मौजूद है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।


