नई दिल्ली : लोकसभा में सोमवार को कांग्रेस सदस्यों ने आसन से आग्रह किया कि केंद्रीय बजट पर चर्चा की शुरुआत से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने दिया जाए. हालांकि, आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली. इसके बाद सदन में हुई नोक-झोंक के कारण कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
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शशि थरूर क्या बोले?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “मैं तो बजट पर बोलने आया था लेकिन लग रहा है कि सरकार या स्पीकर को संसद चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है. अब हम 2 बजे फिर आएंगे और देखेंगे कि क्या होता है. वे (राहुल गांधी) बजट (बहस) से पहले बोलना चाहते थे… ऐसा कैसे हो सकता है कि बजट पर बहस में वित्त मंत्री बैठी ही नहीं, जैसे उन्हें पता था कि सदन स्थगित होने वाला है.”
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का बयान
वहीं दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से बात की. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में कांग्रेस के नेता खुद ही सदन नहीं चलने देना चाहते हैं. रिजिजू ने कहा, “राज्यसभा में कांग्रेस के नेताओं ने थोड़ा समझदारी का काम किया है. वहां पर पीएम मोदी के जवाब के समय प्रदर्शन हुआ था, लेकिन वहां पर पीएम का भाषण हो गया और राष्ट्रपति के अभिभाषण में धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो पाया.”
“लोकसभा में बिल्कुल चर्चा नहीं हो पाई है. मुझे लगता है कि लोकसभा में कांग्रेस के नेता खुद ही सदन नहीं चलने देना चाहते हैं. मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि जो व्यवहार उन्होंने (कांग्रेस के सांसदों ने) स्पीकर के साथ किया है. उससे स्पीकर को बहुत आहत हुए हैं और हम सबको बहुत बुरा लगा.” उन्होंने कहा, “हम तो सदन चलाना चाहते हैं कि लेकिन कांग्रेस की वजह से अगर बजट को भी बिना चर्चा के ध्वनि मत से पारित करना पड़ा, तो इसका नुक़सान कांग्रेस के सांसदों को ज़्यादा होगा क्योंकि वो अपनी बात नहीं बोल पाएंगे.”


