पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद आज (22 नवंबर) पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में कदम रखा। इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य और जोरदार स्वागत किया, जहां एनडीए (NDA) के समर्थन में जमकर नारे लगाए गए। गृह मंत्री के तौर पर अपनी नई भूमिका मिलने के बाद प्रदेश कार्यालय पहुंचे सम्राट चौधरी ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश में सुशासन और कानून व्यवस्था को लेकर कड़े संदेश दिए।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही सुशासन की गारंटी
उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्हें भाजपा नेतृत्व और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर गृह मंत्री के तौर पर काम करने का मौका मिला है।
उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में सुशासन स्थापित करने की चिंता लगातार की जाएगी।
चौधरी ने स्पष्ट किया, “नीतीश कुमार ने लगातार सुशासन स्थापित किया है। आगे भी सुशासन की पूरी व्यवस्था उनके ही मार्गदर्शन और नेतृत्व में होगी।” यह बयान एनडीए गठबंधन के भीतर नेतृत्व की स्थिति को मजबूत करता है।
‘जंगलराज’ खत्म, अब अपराधियों की खैर नहीं
सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि बिहार में अब सुशासन की एक मजबूत व्यवस्था खड़ी है।
उन्होंने कहा, “बिहार के सुशासन ने अराजकता और जंगलराज को समाप्त कर दिया है, और उसी व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा।” उन्होंने अपराधियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगी। उनका सबसे कड़ा और निर्णायक संदेश यह था कि “लेकिन इतना तय है कि अपराधियों के लिए बिहार नहीं है। बिहार से बाहर ही अपराधियों को जाना होगा।”
उपमुख्यमंत्री का यह बयान यह दर्शाता है कि गृह विभाग की कमान संभालने के बाद उनकी प्राथमिकता राज्य से अपराध को जड़ से खत्म करने की है। बिहार अब अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गृह मंत्रालय की कमान भाजपा के पास आने और सम्राट चौधरी जैसे तेज-तर्रार नेता को यह जिम्मेदारी मिलने से राज्य में कानून व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।


