पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक और रिकार्ड जीत के बाद एनडीए बिहार में एक बार फिर से नई बनाने में व्यस्त नजर आ रहा है। सीएम नीतीश कुमार एक बार फिर से 20 नवंबर को रिकार्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं तो वहीं इस चुनाव में मिली करारी हार के बाद सोमवार को राजद ने अपने सभी नवनिकर्वाचित विधायकों व विधानसभा चुनाव में खड़े उम्मीदवारों संग समीक्षा बैठक की.
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तेजस्वी यादव के आवास पर हुई इस बैठक में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, जगदानंद सिंह, मंगनी लाल मंडल सहित अन्य नेता मौजूद थे. बैठक में तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से एक बार फिर से राजद विधायक दल का नेता चुना गया है.
इससे पहले पिछले विधानसभा में भी वह राजद विधायक दल के नेता और नेता प्रतिपक्ष थे। बता दें कि विधानसभा चुनाव में विपक्षी महागठबंधन की ओर सबसे अधिक राजद को 25 सीटें मिली. ऐसे में एक बार फिर से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा मिलना तय है क्योंकि इस दर्जे के लिए 10 फीसदी सीट जीतना जरूरी है.
बहुत मेहनत की, वहीं पार्टी को आगे ले जाएंगे
राजद की समीक्षा बैठक से बाहर निकले RJD सांसद अभय कुशवाहा, पूर्व मंत्री इसराइल मंसूरी और पूर्व एज्या यादव ने बैठक में हुई चर्चा के बारे में बताते हुए कहा कि लालू यादव ने बैठक में कहा तेजस्वी यादव ने बहुत मेहनत की है. तेजस्वी ही पार्टी को और आगे लेकर जाएंगे. बैठक में बिहार का चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं होने पर भी चर्चा हुई. हालांकि रोहिणी आचार्य के सवाल पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई. बता दें कि बीते दिनों रोहिणी आचार्या ने राजनीति और परिवार छोड़ने का ऐलान करते हुए अपने भाई तेजस्वी यादव, राज्यसभा सांसद संजय यादव और रमीज पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
ऐसे नतीजे का किसी को नहीं था अंदाज
बैठक के बाद राजद के वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह ने कहा कि किसी को अंदाज़ा नहीं था कि पार्टी की हालत ऐसी होगी, और परिस्थितियों को बदलने के लिए कुछ न कुछ उपाय ज़रूर किया गया है. परबत्ता से चुनाव हारे राजद नेता डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी के कारण ऐसा नतीजा आया है. हम लोग सबूतों के साथ कोर्ट जाएंगे. उन्होंने दावा किया कि एक करोड़ 80 लाख लोगों ने राजद को वोट दिया.


