रांची : झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और रांची पुलिस के बीच तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है। एयरपोर्ट थाना में ED के अधिकारियों पर दर्ज मारपीट के मामले की जांच के लिए रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों की एक टीम ED कार्यालय पहुंची है। ED कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि अंदर सदर डीएसपी और एयरपोर्ट थाना प्रभारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद हैं।
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क्या है पूरा मामला
यह विवाद पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में सामने आए करीब 20 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है। इस मामले में विभाग के क्लर्क संतोष कुमार पर आरोप लगे थे। पहले रांची के सदर थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी और उन्हें जेल भी भेजा गया था। फिलहाल संतोष कुमार जमानत पर बाहर हैं।
मामला कब और क्यों शुरू हुआ
सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए (PMLA) कानून के तहत ईसीआईआर दर्ज की। इसी सिलसिले में ED ने संतोष कुमार को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया था। पूछताछ के बाद संतोष कुमार ने आरोप लगाया कि ED कार्यालय में उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ED के सहायक निदेशक प्रतीक और उनके सहायक शुभम ने उन्हें ऑफिस बुलाकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
FIR और पुलिस की कार्रवाई
मारपीट के आरोपों को लेकर संतोष कुमार ने रांची के एयरपोर्ट थाने में ED के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसी FIR की जांच के तहत रांची पुलिस की टीम ED कार्यालय पहुंची है। पुलिस की कोशिश है कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज हासिल कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
मौजूदा स्थिति
फिलहाल ED कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अंदर पुलिस जांच जारी है। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक केंद्रीय जांच एजेंसी और राज्य पुलिस आमने-सामने हैं। अब जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।


