रांची : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत दर्ज मामले में अनुसंधान करते हुए सीआईडी की टीम ने सोमवार को स्थानीय पुलिस के सहयोग से राज्य के पांच प्रमुख जिलों रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद के कुल 18 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस जांच के दौरान साल 2018 में आयोजित हुई सब-इंस्पेक्टर समेत 10 परीक्षा अभियुक्त अभय तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है.
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पुलिस और सीआईडी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान जेपीएससी परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के संबंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगे हैं. बरामद की गई वस्तुओं में लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण, विभिन्न बैंकों के पासबुक, चेकबुक, विभिन्न अभ्यर्थियों के ओएमआर शीट्स की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड और मार्कशीट शामिल है.
अभय तिवारी की संदिग्ध भूमिका
जांच और अनुसंधान के क्रम में सीआईडी के हाथ एक चौंकाने वाला तथ्य लगा है. मामले के मुख्य अभियुक्त अभय तिवारी ने राज्य और केंद्र स्तर की कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है या उन्हें उत्तीर्ण किया है. सीआईडी अब इन सभी परीक्षाओं में उसकी उम्मीदवारी का सत्यापन कर रही है.
– वर्ष 2018: सब इंस्पेक्टर लिखित परीक्षा
– वर्ष 2013: नेवी में एसएसआर पद के लिखित परीक्षा
– वर्ष 2014: भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में सहायक पद के लिए लिखित परीक्षा
– आईआरबी: कांस्टेबल लिखित परीक्षा
– वर्ष 2018: सीआरपीएफ हेडकांस्टेबल (लिखित और टाइपिंग) परीक्षा
– वर्ष 2014: नॉर्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड की पीटी परीक्षा
– जेएसएससी: पीजीटी टीचर एवं सीजीएल परीक्षाएं
– एसीएफ, एफआरओ और एफएसओ
– 11वीं-13वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा
परीक्षा एजेंसियों से मांगा ब्योरा
इन सभी संदिग्ध तथ्यों के सत्यापन और मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच टीम और सीआईडी ने संबंधित परीक्षा आयोजित करने वाली सभी एजेंसियों से अभियुक्त के ब्योरे मांगे हैं.
– एजेंसियों से अभियुक्त के सभी आवेदन-पत्र और मूल अभिलेख
– जमा किए गए दस्तावेज और मूल्यांकन अभिलेख


