रायबरेली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने रायबरेली दौरे पर केंद्र सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सारी ताकत अपने हाथ में लेकर गरीबों और मजदूरों को कमजोर करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर उनका अपमान किया गया है, लेकिन असली मुद्दा नाम बदलने का नहीं बल्कि गरीबों को मिली सुरक्षा को खत्म करने का है।
Highlights:
गरीबों की सुरक्षा खत्म की गई
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा के जरिए गरीबों और मजदूरों को जो आर्थिक सुरक्षा दी गई थी, उसे मोदी सरकार ने धीरे-धीरे कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस पार्टी जनता की रक्षा के लिए खड़ी है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का सारा धन चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंप रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार देश की संपत्ति कुछ बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने में लगी है। उन्होंने कहा कि देश का पैसा आम जनता की जगह रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और अडाणी ग्रुप जैसे उद्योग समूहों तक पहुंचाया जा रहा है, जबकि मजदूर और गरीब वर्ग संघर्ष कर रहा है।
मनरेगा बचाने के लिए आंदोलन
कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है और किसी भी हाल में उनके हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। मंगलवार सुबह राहुल गांधी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने रायबरेली प्रीमियर लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से बातचीत की और टॉस के लिए सिक्का भी उछाला।
चौपाल में मजदूरों से संवाद
क्रिकेट कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने चौपाल लगाई और मनरेगा मजदूरों से सीधे बातचीत की। मजदूरों ने उन्हें रोजगार, भुगतान और काम से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी, जिस पर राहुल ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस इन मुद्दों को मजबूती से उठाएगी। राहुल गांधी सोमवार देर रात रायबरेली पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह उनका रायबरेली का छठा दौरा है। इससे पहले वे 10 सितंबर 2025 को भी यहां आए थे। लगातार दौरों को स्थानीय राजनीति में सक्रियता और जनसंपर्क बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।




