Monday, September 14, 2026

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, 31 साल पुराना है मामला, जबरन घर कब्जा करने का आरोप

पटना: राजधानी पटना में शुक्रवार देर रात पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 वर्ष एक पुराने मामले में पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उन पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 1995 में पटना के एक घर पर कब्जा कर लिया था, जिसमें वह किराये पर रहने गए थे. पप्पू यादव ने इस किराये के घर में पहले अपना दफ्तर खोला, फिर उस पर कब्जा कर लिया. इसे लेकर उनके खिलाफ मकान मालिक ने एफआईआर दर्ज कराई थी.

अदालत ने पप्पू यादव को कई बार समन जारी किया, लेकिन वह सुनवाई के लिए पेश नहीं हुए. इसके बाद अदालत ने दो दिन पहले उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. पटना पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पप्पू यादव को शुक्रवार आधी रात गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान पप्पू यादव के समर्थकों की पुलिस से तीखी बहस भी हुई है. पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार शनिवार सुबह कोर्ट में उनकी पेशी होगी.

गिरफ्तारी पर बोले पप्पू यादव 

वहीं इस मामले में गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने कहा, ‘मेरे साथ क्या होगा पता नहीं.’ NEET छात्रा की लड़ाई लड़ने के लिए बिहार की सरकार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी उनको धमका रहे हैं. मैं फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार हूं, लेकिन झुकने वाला नहीं हूं. पप्पू यादव ने कहा कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उनकी हत्या कराना चाहते हैं.”

अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखे पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सादी वर्दी पुलिस वाले आए और सीधे धमकाने लगे. हमें लगा कोई मुझे मारने आया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चार बजे खत्म हुई और उसके बाद कोर्ट के आदेश के सम्मान में हम सीधे पटना आ गए. मामले पर सफाई देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि 35 साल पुराने मामले में बेल टूट गई थी, कोर्ट ने आने को कहा था तो हम पटना आ गए. उन्होंने कहा कि सिविल वर्दी में पुलिस वाले आए और हमें लगा कि गोली चल जाएगी. पप्पू यादव ने कहा कि मरना पसंद करेंगे, लेकिन सच के रास्ते से थोड़ा भी नहीं हटेंगे.

31 साल पुराना है मामला

करीब 31 साल पुराना यह मामला गर्दनीबाग थाना (FIR संख्या 552/1995) से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि धोखाधड़ी से उनका मकान किराए पर लेकर उसे पप्पू यादव ने कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया, जबकि यह बात किराए के समय छुपाई गई. इसी मामले में पप्पू यादव के खिलाफ वारंट जारी हुआ है और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहुंची.” मामले में लगातार गैर-हाजिरी के कारण अदालत ने पहले गिरफ्तारी वारंट जारी किया. उसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया गया. लेकिन अदालत में पेशी न होने पर अब कोर्ट ने कड़ा कदम उठाते हुए पप्पू यादव सहित अन्य आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है. यह कार्रवाई 1995 से लंबित मामले में एक अहम कानूनी मोड़ मानी जा रही है.

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