नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। यह मन की बात का 130वां एपिसोड था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस, राष्ट्रीय मतदाता दिवस समेत कई सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार साझा किए। इससे पहले उन्होंने 28 दिसंबर 2025 को देशवासियों से रेडियो के माध्यम से संवाद किया था। हर महीने प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम जनता से सीधे संवाद का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है।
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गणतंत्र दिवस की अहमियत पर दिया संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिन भारत के संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से संविधान में निहित मूल्यों को अपनाने और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक का मतदान करना बेहद जरूरी है। पीएम मोदी ने युवाओं से खास तौर पर आगे आने और अपने मताधिकार का जिम्मेदारी से उपयोग करने का आह्वान किया।
जनभागीदारी पर दिया जोर
मन की बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति में जनभागीदारी की अहम भूमिका है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में आम लोगों के प्रयासों और सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव लाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम उन्हें देश के हर कोने से जुड़ने का अवसर देता है। इस कार्यक्रम के जरिए वह समाज के अलग-अलग वर्गों की प्रेरक कहानियों को साझा करते हैं और लोगों को नई दिशा देने का प्रयास करते हैं। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का प्रसारण हर महीने के अंतिम रविवार को किया जाता है। इसे ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुना और देखा जाता है। देश ही नहीं, विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इस कार्यक्रम को सुनते हैं। प्रधानमंत्री का यह संबोधन एक बार फिर नागरिकों को लोकतंत्र, कर्तव्य और राष्ट्रनिर्माण की भावना से जोड़ने वाला रहा।


