बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। एनडीए की बड़ी जीत के बाद अब भाजपा और जदयू के बीच मंत्रालयों का बंटवारा लगभग तय माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जदयू और भाजपा के 16-16 मंत्री शामिल होंगे। वहीं लोजपा (आर) से 2 मंत्री और हम व रालोमो से 1-1 मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।
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आखिरी कैबिनेट मीटिंग आज
सोमवार सुबह 11.30 बजे नीतीश सरकार की मौजूदा कैबिनेट की अंतिम बैठक होगी। इस बैठक में विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेंगे। इस्तीफा देने के तुरंत बाद नीतीश कुमार नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसके साथ ही एनडीए विधायकों की औपचारिक प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
नीतीश कुमार 10वीं बार लेंगे शपथ
नीतीश कुमार 20 नवंबर को गांधी मैदान में बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह उनका 10वां कार्यकाल होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी जोरों पर है। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और एनडीए के कई बड़े नेता भी मौजूद रहेंगे। शपथ समारोह की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने 17 से 20 नवंबर तक आम लोगों की गांधी मैदान में एंट्री बंद कर दी है। मैदान के चारों ओर 500 से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी और तीन स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।
दिल्ली से पटना तक मंथन जारी
नई सरकार के गठन को लेकर दिल्ली और पटना दोनों जगहों पर लगातार बैठकों का दौर जारी है। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच बैठक हुई। इस बैठक में बिहार की नई सरकार का स्वरूप, कैबिनेट में शामिल होने वाले चेहरे और विभागों के बंटवारे पर चर्चा हुई। दूसरी ओर पटना में भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इसके अलावा लोजपा (आर), हम और रालोमो के नेताओं के साथ भी बातचीत चली। एनडीए के सभी दल पहले अपने-अपने विधायक दल के नेता चुनेंगे, उसके बाद मंगलवार को एनडीए की संयुक्त बैठक में नीतीश कुमार को नेता चुना जाएगा। इसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा करेंगे और फिर शपथ ग्रहण होगा।
36 मंत्री बनाए जा सकते हैं
बिहार में मुख्यमंत्री सहित कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। चर्चा है कि जदयू से मुख्यमंत्री सहित 16 मंत्री, जबकि भाजपा से दो उपमुख्यमंत्री सहित 16 मंत्री शामिल किए जाएंगे। लोजपा (आर) से एक उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की भी चर्चा है। इसके अलावा लोजपा (आर) के 2 और हम व रालोमो के 1-1 नेताओं को मंत्री पद मिलने की संभावना बनी हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शपथ ग्रहण के दिन कितने मंत्री शपथ लेंगे। एक राय यह है कि पहले केवल मुख्यमंत्री शपथ लें, जबकि दूसरी राय के अनुसार मुख्यमंत्री, दो डिप्टी सीएम और करीब 20 मंत्री शपथ ले सकते हैं।
आचार संहिता समाप्त
चुनाव आयोग ने बिहार में आचार संहिता समाप्त होने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजीयाल ने रविवार को राजभवन में 243 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंपी और बताया कि अब सरकार गठन की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकती है।
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NDA की प्रचंड जीत, महागठबंधन का सफाया
इस विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटों पर विजय मिली, जो उनकी उम्मीद से भी कहीं ज्यादा है। महागठबंधन का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा और वह 35 सीटों पर सिमट गया। राजद का MY समीकरण इस बार चुनाव में कमजोर साबित हुआ। खासकर सीमांचल के मुसलमानों ने इस बार AIMIM पर अधिक भरोसा जताया। वहीं जनसुराज का प्रभाव भी लगभग न के बराबर रहा और उसके अधिकतर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इस बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि जदयू दूसरे नंबर पर रही। यह 2010 के चुनाव जैसा माहौल रहा, बस फर्क इतना है कि तब जदयू नंबर-1 थी।


