Thursday, July 23, 2026

कर्नाटक में स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराने की तैयारी, 30 साल बाद बैलट पेपर से होंगे चुनाव!

बंगलुरू : कर्नाटक सरकार राज्य के सभी स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसमें बेंगलुरु के नगर निकाय चुनाव भी शामिल होंगे। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को स्पष्ट बयान देते हुए कहा कि सरकार 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों को लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं और नई पीढ़ी को नेतृत्व का मौका मिलेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी।

शिवकुमार ने कहा कि लंबे समय से लंबित पड़े जिला पंचायत और तालुक पंचायत चुनाव कराने का फैसला पहले ही लिया जा चुका है। आरक्षण से जुड़े विवादों को मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों ने सुलझाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु में ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी जीबीए के तहत पांच नगर निगमों के लिए 369 वार्ड बनाए गए हैं और सोमवार को इन चुनावों के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है।

ग्राम पंचायत चुनावों को पार्टी सिंबल पर कराने के सुझाव पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सभी स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराने पर विचार जारी है। बैलेट पेपर के इस्तेमाल पर पूछे गए सवाल के जवाब में शिवकुमार ने कहा कि यह पूरी तरह राज्य चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि मतदान का तरीका चाहे जो भी हो, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि चुनाव समय पर हों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया बनी रहे।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर किसी मतदाता का नाम छूट गया है तो उसे शामिल करने का पूरा मौका दिया जाएगा। बूथ लेवल एजेंट बीएलए की व्यवस्था पहले से की जा चुकी है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार चुनाव आयोग के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

दावोस यात्रा रद्द करने पर बीजेपी के तंज के जवाब में शिवकुमार ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि इसमें कुछ सच्चाई हो सकती है और इस पर अगले दिन फिर सवाल पूछा जाए। कुल मिलाकर, राज्य सरकार स्थानीय निकाय चुनावों को सुव्यवस्थित और लोकतांत्रिक तरीके से कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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