चंडीगढ़: मार्च 2026 में होने वाले पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों को लेकर हरियाणा में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। चंडीगढ़ के अधिवक्ताओं के लिए मतदान 17 मार्च को और हरियाणा के जिला मुख्यालयों में 18 मार्च को मतदान कराया जाएगा। बार काउंसिल के चुनाव हर पांच साल में एक बार होते हैं। यह चुनाव अधिवक्ताओं के पेशे को संचालित और नियंत्रित करने वाले वैधानिक निकाय के लिए महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया मानी जाती है। इन चुनावों के जरिए परिषद के सदस्य चुने जाते हैं, जो अधिवक्ताओं से जुड़े नियम और नीतियों पर काम करते हैं।
Highlights:
प्रशासनिक तैयारियां शुरू
चुनाव को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि मतदान से पहले जरूरी व्यवस्था पूरी कर ली जाए। अधिकारियों को प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती और चुनाव अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। बार काउंसिल के रिटर्निंग ऑफिसर ने मतदान प्रक्रिया के संचालन और निगरानी के लिए राजस्व विभाग से अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती का अनुरोध किया है। इसके बाद उपायुक्तों को समय पर कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदान बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
कानूनी प्रावधानों के तहत होंगे चुनाव
ये चुनाव अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत आयोजित किए जाते हैं, जिसमें बार काउंसिल के लिए समय-समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है। इससे संस्था में लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता बनी रहती है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस बार चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने 3 दिसंबर 2025 को समय पर चुनाव कराने पर जोर दिया था। अदालत ने कहा था कि समय पर चुनाव होने से बार काउंसिल के कामकाज में निरंतरता और वैधता बनी रहती है। हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिवक्ताओं के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो, ताकि बार काउंसिल का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे।


