बिहार : भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार और सिंगर पवन सिंह इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म या गाना नहीं, बल्कि राजनीति और निजी जीवन से जुड़ा विवाद है। कुछ दिनों पहले पवन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये ऐलान किया था कि वे इस बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं। लेकिन उनकी ये घोषणा जितनी चर्चित थी, उससे कहीं ज़्यादा चर्चा में आ गया उनका विवाद।
राजनीति में आने का फैसला
भोजपुरी सिनेमा के लॉलीपॉप लगेलू गाने से पूरे देश में मशहूर हुए पवन सिंह ने हाल ही में राजनीति में कदम रखने का फैसला लिया था। उन्होंने अपने समर्थकों के बीच press conference की और कहा कि वे जनता की सेवा के लिए राजनीति में उतर रहे हैं। बिहार में लोग उनकी लोकप्रियता और फैन फॉलोइंग के कारण मान रहे थे कि वे चुनाव में एक बड़ा चेहरा बन सकते हैं।
ज्योति सिंह का press conference
पवन सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटों बाद ही उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने भी मीडिया के सामने आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने पवन सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए। ज्योति सिंह ने कहा कि पवन सिंह उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते थे, यहां तक कि उन्होंने उनपर आरोप लगाया कि वो उन्हें abortion की दवा भी दिए करते थे।
यह बयान सामने आते ही मीडिया और सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। ज्योति सिंह के इस खुलासे ने पवन सिंह की राजनीतिक छवि पर बड़ा असर डाला।
पहले भी रहे हैं विवादों में
यह पहली बार नहीं है जब पवन सिंह किसी विवाद में फंसे हों। इससे पहले भी वे अपने को-स्टार अंजली राघव के साथ रिलेशन की खबरों को लेकर खूब ट्रोल हुए थे। सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो वायरल हुए थे, जिससे उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।
इसके अलावा, कुछ महीने पहले वे रियलिटी शो “राइज एंड फॉल” का हिस्सा बने थे, लेकिन अचानक शो से बाहर हो गए। तब भी कई लोगों ने कहा था कि पवन सिंह हर बार किसी न किसी विवाद में उलझ जाते हैं।
क्या है राजनीति छोड़ने का कारण ?
अब बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या पवन सिंह ने राजनीति छोड़ने का फैसला अपनी पत्नी के आरोपों और इन विवादों की वजह से लिया? माना जा रहा है कि ज्योति सिंह के गंभीर आरोपों के बाद उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा।
दूसरा कारण ये भी माना जा रहा है कि खुद ज्योति सिंह ने भी राजनीति में उतरने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वे खुद चुनाव लड़ेंगी और सच्चाई सामने लाएँगी। इससे साफ झलकता है कि पति-पत्नी के बीच का झगड़ा अब सिर्फ निजी नहीं, बल्कि सार्वजनिक हो गया है।
जनता की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया
पवन सिंह के विवाद पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियां देखने को मिली। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह सब “पब्लिसिटी स्टंट” है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि सच्चाई सामने आनी चाहिए।
जनता का विश्वास सबसे बड़ा हथियार
पवन सिंह का मानन है कि शोहरत और लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी भी आती है। चाहे फिल्मी दुनिया हो या राजनीति, दोनों जगह जनता का विश्वास सबसे बड़ा हथियार होता है। पवन सिंह अगर सच में जनता के नेता बनना चाहते हैं, तो उन्हें पहले अपने निजी विवादों से ऊपर उठना होगा और साफ-सुथरी छवि के साथ आगे बढ़ना होगा। फिलहाल, जनता बस यही देख रही है कि ये “भोजपुरी स्टार” अपने जीवन की इस असली जंग को कैसे लड़ते हैं।


