बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होना है। इसे लेकर चुनाव प्रचार आखिरी 2 दिन बचे हैं। इसके बाद 6 नवंबर को पहले फेज की वोटिंग होगी। उसको लेकर अलग अलग पार्टी के लोग अलग अलग जगहों पर चुनाव रैली कर रहे है । ऐसे में कल पीएम मोदी का रोड शो आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने पटना में आयोजित रोड शो पूरे उत्साह और रंगारंग स्वागत के बीच संपन्न हुआ। 2.8 किमी लंबा रोड शो दिनकर गोलंबर से शुरू होकर नाला रोड, कदमकुआं ठाकुरबारी रोड और बाकरगंज होते हुए भवन के पास समाप्त हुआ। लगभग 43 मिनट चले इस रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी और लोग अपने घरों की बालकनी से प्रधानमंत्री का स्वागत करते नजर आए। रथ पर सवार प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनाव चिन्ह कमल को दिखाकर जनता से वोट देने की अपील की। जगह-जगह लोगों ने फूलों की बारिश, नारेबाजी और भारत माता के जयकारे के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
Highlights:

CM नीतीश कुमार क्यों नहीं शामिल हुए ?
यह इस साल पीएम मोदी का दूसरा रोड शो था। पीएम मोदी के साथ इस रोड शो में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, बांकीपुर के प्रत्याशी नितिन नवीन, दीघा के प्रत्याशी संजीव चौरसिया और दानापुर के प्रत्याशी राम कृपाल यादव भी रथ पर सवार थे। पिछली बार लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल थे, लेकिन इस बार वो मौजूद नहीं थे। एक खबर के अनुसार, नीतीश कुमार इस वजह से शामिल नहीं थे क्योंकि उन्हें अपना खुद का प्रचार-कार्य था और वे अपने पार्टी JDU के अभियानों में व्यस्त थे।
वही राजनीतिक विश्लेषण में कहा गया है कि उनके गठबंधन के भीतर स्थिति कमजोर हो रही है और उन्हें केंद्रीय रूप से साइड लाइन किये जाने का संकेत मिल रहा है। मीडिया में यह भी लिखा गया है कि उन्होंने अलग-अलग कार्यक्रम तथा बैठकें छोड़ दी हैं या उन्हें शामिल नहीं किया गया है, जिससे राजनीतिक संकेत पैदा हो रहे हैं कि गठबंधन में उनकी भूमिका कम हो रही है। साथ ही रोड शो के दौरान एक चीज और आकर्षण का केंद्र बना वो था JDU का सिम्बल का न होना। ऐसा प्रतीत हो रहा है की वो एनडीए का नहीं अपने बीजेपी का प्रचार करने आए थे। हालांकि अमित शाह ने अपने रैली में साफ साफ कह दिया था की नीतीश कुमार को ही सीएम फेस बनाया जाएगा। अब मामला यहाँ अटक गया की मोदी आखिर अपने रोड शो से एनडीए का प्रचार कर रहे थे या खुद का।

पहले रोडशो में नीतीश आए थे नजर
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो में नजर आए थे। पटना के रोड शो में भी शाम का ही नजारा था। वह तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं। कहा जा रहा था कि सीएम नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के एक तरफ दबे-दबे से नजर आ रहे थे। लगातार यात्राएं तब भी कर रहे थे नीतीश कुमार। अब भी कर रहे। बिहार विधानसभा चुनाव की अधिसूचना के बाद पर्व-त्योहार के कारण चुनाव प्रचार के लिए समय नहीं मिला था। अब पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार सभाएं भी अलग-अलग कर रहे हैं। रविवार को पीएम मोदी के रोड शो में जब उनकी गाड़ी पर सीएम नीतीश कुमार नहीं नजर आए तो सवाल कौंधा कि कुछ गड़बड़ है क्या? लेकिन, यह पहले से तय हो गया था।
पीएम मोदी के रोड शो में नीतीश कुमार अगर होते तो उनके बाएं-दाएं ही होते। यह लोकसभा नहीं, विधानसभा चुनाव है और उसमें वही प्रमुख चेहरा हैं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गई थी कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दाएं-बाएं नहीं दिखे। वह फ्रंट पर रखे जा रहे हैं तो उनका दाएं-बाएं रहना गलत संदेश देगा। मुख्यमंत्री सचिवालय को इसकी जानकारी पहले से थी। जनता दल यूनाईटेड ने इस निर्णय की जानकारी पहले ही भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दे दी थी। कहा गया था कि सीएम नीतीश कुमार लगातार सड़क मार्ग से भी बिहार के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, इसलिए भी उन्हें इस रोड शो से दूर रखा जाए।

बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी के साथ मुख्य घटक जनता दल यूनाईटेड है। इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएम नीतीश कुमार हैं। पार्टी में नीतीश कुमार के बाद कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संजय झा के पास है। लेकिन, जब बात पीएम मोदी के साथ रोड शो वाली गाड़ी पर जाने की हुई, तो निर्णय हुआ कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में पीएम मोदी के मंत्री और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह रहें। ललन सिंह पीएम मोदी के बाएं हाथ की तरफ थे। जबकि, दाएं हाथ की तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल खड़े रहे।
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रोड शो के बाद
रोड शो संपन्न होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे। वहां उन्होंने माथा टेका और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं के साथ भोजन किया। प्रधानमंत्री ने इस रोड शो के माध्यम से पटना जिले की 14 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं से सीधा संवाद किया और NDA प्रत्याशियों के लिए वोट मांगा। इससे पहले वे नवादा और आरा में चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके थे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में राजद और कांग्रेस को आक्रामक रूप से निशाना बनाया। उन्होंने युवाओं को जंगल राज की याद दिलाई और कहा कि राजद और कांग्रेस के बीच आपसी झगड़े के कारण बिहार पिछड़ा। मोदी ने कहा कि “राजद वालों ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर मुख्यमंत्री पद छीन लिया।”

कांग्रेस ने उठाया सवाल
कांग्रेस ने पीएम मोदी के रोड शो में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शामिल न होने पर हमला बोला है । पार्टी ने सोशल मीडिया पर रोड शो की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि अब साफ हो गया कि नीतीश कुमार बिहार का मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे और पहले चरण के चुनाव से पहले ही खेल से बाहर हो गए हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि “पटना वासी पूछ रहे हैं, मुख्यमंत्री कहां हैं?”


