दिल्ली : भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्राओं के लिए एक नई शुरुआत करने जा रहा है। कोलकाता और गुवाहाटी के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 17 जनवरी से शुरू होगी। इस हाईटेक ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से करेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में जानकारी दी कि कोलकाता और गुवाहाटी के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सप्ताह में छह दिन कामाख्या और हावड़ा जंक्शन के बीच संचालित होगी। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव देगी।
रेल मंत्री ने बताया कि इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का थर्ड एसी किराया 2,300 रुपये तय किया गया है, जबकि सेकेंड एसी का किराया 3,000 रुपये होगा। वहीं, फर्स्ट एसी का प्रस्तावित किराया करीब 3,600 रुपये रखा गया है। ट्रेन को खासतौर पर 1,000 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी बताया कि 30 दिसंबर को इस ट्रेन का सफल ट्रायल रन किया गया था। कोटा–नागदा रेलवे ट्रैक पर ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। ट्रायल के दौरान लोको पायलट ने चार गिलास पानी रखे थे, तेज रफ्तार के बावजूद पानी नहीं छलका, जिससे ट्रेन की स्थिरता और तकनीकी मजबूती का प्रदर्शन हुआ।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 2026 भारतीय रेलवे के लिए बदलाव का साल होगा। रेलवे के रखरखाव, संचालन और सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। इससे ट्रेनों की सुरक्षा, समयबद्धता और यात्रियों की सुविधा में बड़ा सुधार आएगा। रेल मंत्री के अनुसार, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए रेलवे एक नया स्ट्रक्चरल तरीका अपनाएगा। इसके तहत भारत के स्टार्टअप्स और इनोवेटिव टैलेंट को रेलवे से जोड़ा जाएगा। इसके लिए एक टेक्नोलॉजी इनोवेशन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, ताकि नई तकनीकों को तेजी से अपनाया जा सके।
इसके साथ ही रेल मंत्री ने घोषणा की कि 6 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी लॉन्च किया जाएगा। इन ट्रेनों की सेवाएं 17 और 18 जनवरी 2026 से अलग-अलग रूटों पर शुरू हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक करीब 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें तैयार हो जाएंगी। रेलवे के इस कदम से लंबी दूरी के यात्रियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के साथ एक नया यात्रा अनुभव भी मिलेगा। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में यह पहल यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होने की उम्मीद है।


