उत्तरप्रदेश : अयोध्या में मंगलवार को होने वाले श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर जिले में सुरक्षा और यातायात की बेहद कड़ी तैयारियां की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित आगमन के कारण शहर में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां और भी तेज हो गई हैं। कार्यक्रम में लाखों श्रद्धालुओं के पहुचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पिछले कई दिनों से चप्पे-चप्पे पर निगरानी कर रहे हैं। इसके चलते सोमवार से अयोध्या में आम दिनों की तुलना में सुरक्षा घेरा काफी बढ़ा दिया गया है।
भारी भीड़ और VIP मूवमेंट को देखते हुए रविवार आधी रात से बाराबंकी से अयोध्या जाने वाले सभी भारी वाहनों और चार पहिया गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। बॉर्डर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है, ताकि अनियंत्रित यातायात के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर जाम न लगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था मंगलवार रात तक या कार्यक्रम समाप्त होने तक जारी रह सकती है। आवश्यक सामान ले जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
अयोध्या के प्रमुख मार्गों (सहादतगंज, फैजाबाद शहर, रामपथ, धर्मपथ और हनुमानगढ़ी जैसे क्षेत्र) में पुलिस बल, PAC और ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। हर प्रमुख चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाई गई है, और शहर में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन कैमरों से भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रही हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
ध्वजारोहण कार्यक्रम को देखने के लिए देश-भर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए प्रशासन ने कई पार्किंग क्षेत्रों को चिह्नित किया है और बसों, निजी गाड़ियों के लिए अलग-अलग पार्किंग रूट निर्धारित किए गए हैं। सभी दर्शनार्थियों को पैदल मार्गों का अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है, क्योंकि मंदिर क्षेत्र के आसपास वाहन चलाने पर विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं।
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जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो, ताकि सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के राम मंदिर में ध्वजारोहण का ऐतिहासिक दृश्य देख सकें।


