रांची: शराब घोटाला मामले में एसीबी ने शनिवार को गुजरात के अहमदाबाद से प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को गिरफ्तार किया. मिली जानकारी के अनुसार मेसर्स मार्शन इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड का चयन हजारीबाग, कोडरमा और चतरा में मैन पॉवर सप्लाई के लिए किया गया था.
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दो बार जमा कराई थी बैंक गारंटी
प्लेसमेंट एजेंसी पर आरोप है कि एजेंसी ने 27 अगस्त 2023 को कंपनी के प्रतिनिधि नीरज कुमार के हस्ताक्षर से 5.35 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा कराई थी. 28 दिसंबर 2023 को एक बार फिर से कंपनी के निदेशक महेश शिडके के हस्ताक्षर से बैंक गारंटी जमा कराई गई. कारण बताया गया कि आंतरिक बदलाव के कारण ऐसा किया गया है. एसीबी ने अपनी जांच में पाया कि नई बैंक गारंटी की जांच के लिए 10 जनवरी 2024 को पत्र लिखा गया. लेकिन किसी भी स्तर से उत्पाद विभाग या जेएसबीसीएल ने बैंक गारंटी की जांच नहीं कराई.
जब कोर्ट पहुंची प्लेसमेंट एजेंसी
इसी बीच विक्रय के विरुद्ध अंतर राशि जमा नहीं करने पर नौ जनवरी 2025 को विभाग ने बैंक गारंटी जब्त करने का आदेश दिया. इसके बाद कंपनी जेएसबीसीएल के खिलाफ हाईकोर्ट चली गई. प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा जारी की गई बैंक गारंटी 31 मार्च 2025 को खत्म होनी थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने प्लेसमेंट एजेंसी की बैंक गारंटी के अवधि विस्तार का आदेश पारित किया.
तब विभाग ने बैंक गारंटी के सत्यापन के लिए दो अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की. जब बैंक जाकर दोनों अधिकारियों ने जांच की तो बैंक ने बताया कि बैंक ने न तो बैंक गारंटी निर्गत की है और ना ही लेटर हेड और सिग्नेचर स्टांप बैंक से संबंधित हैं. फर्जी बैंक गारंटी जमा करने को लेकर कंपनी को 8 अप्रैल 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.


