बिहार : भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और अब BJP नेता पवन सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह न कोई फिल्म है, न कोई गाना बल्कि उनका निजी विवाद है, जो अब पूरी तरह सार्वजनिक हो चुका है। दरअसल, पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा तनाव अब सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गया है। दोनों ने एक-दूसरे पर अपनी बात रखने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया है, और यही वजह है कि अब यह मामला निजी नहीं रहा, बल्कि जनता के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है।
कुछ महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में पवन सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उस समय उनकी पत्नी ज्योति सिंह भी प्रचार में उनके साथ दिखाई देती थीं। जनता ने इस जोड़ी को साथ देखा, लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुआ, रिश्तों की दरारें भी सामने आने लगीं। अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि दोनों अपनी-अपनी बातें सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर रख रहे हैं।
लखनऊ में हुआ विवाद, पुलिस तक पहुंची बात
हाल ही में एक घटना ने पूरे विवाद को और उभार दिया। ज्योति सिंह कुछ दिन पहले लखनऊ में पवन सिंह के घर पहुंचीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई और ज्योति सिंह ने ये आरोप लगाया कि पवन सिंह ने उन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस बुला ली है । इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी तेज हो गई।
पवन सिंह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर अपना पक्ष रखा।
पवन सिंह बोले
पवन सिंह ने लिखा कि “मैं अपने जीवन में एक ही बात जानता हूं कि जनता मेरे लिए भगवान है। क्या मैं उन जनभावनाओं को ठेस पहुंचाऊंगा, जिनके बदौलत मैं यहां तक पहुंचा हूं?” उन्होंने आगे लिखा कि “कल सुबह जब ज्योति सिंह मेरे सोसाइटी में आईं, तो मैंने सम्मानपूर्वक उन्हें अपने घर बुलाया। करीब डेढ़ घंटे तक हम लोगों की बातचीत हुई। लेकिन उनके मुंह पर सिर्फ एक ही बात थी कि मुझे हर हाल में चुनाव लड़वाओ, जो मेरे बस का नहीं था।” पवन सिंह ने यह भी लिखा कि उनके घर पुलिस इसलिए मौजूद थी ताकि बातचीत पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्वक हो सके और किसी तरह की अनहोनी न हो। पवन सिंह का कहना है कि उन्होंने ज्योति सिंह का सम्मान किया और किसी तरह की गलत हरकत नहीं की। उनके मुताबिक, यह सब कुछ साफ-सुथरे तरीके से हुआ ताकि कोई भ्रम या विवाद न बढ़े।
ज्योति सिंह का पलटवार
वहीं दूसरी ओर, ज्योति सिंह का दावा है कि उन्होंने सिर्फ अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि उन्होंने कभी पवन सिंह को नीचा दिखाने की कोशिश नहीं की, लेकिन पवन सिंह ने उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। ज्योति सिंह का आरोप है कि चुनाव के दौरान पवन सिंह ने उन्हें प्रचार का हिस्सा बनाया, वोट के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उन्हें छोड़ दिया।
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रोहतास में विरोध प्रदर्शन, जनता भी बंटी
अब यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर सड़कों तक पहुंच गया है। रोहतास जिले के डेहरी में स्थानीय लोगों ने पवन सिंह के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला। लोगों ने नारे लगाए “ज्योति सिंह के सम्मान में, समाज मैदान में” और “जिसने पत्नी को वोट के लिए इस्तेमाल किया, उसे माफी मांगनी चाहिए।” प्रदर्शनकारियों का कहना था कि समाज में ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
जनसुराज पार्टी के नेता समीर कुमार और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस विरोध में हिस्सा लिया। उनका कहना था कि किसी भी महिला की भावनाओं से खिलवाड़ करना, चाहे वह राजनीतिक हो या व्यक्तिगत, किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि पवन सिंह जैसे लोकप्रिय व्यक्ति को जनता आदर्श मानती है, ऐसे में उनका व्यवहार जिम्मेदार होना चाहिए।
राजनीतिक असर और चुनावी समीकरण
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। BJP पवन सिंह को स्टार प्रचारक के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। लेकिन यह विवाद उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर तब जब विरोधी दल इस मुद्दे को चुनावी मंचों पर उठाने की कोशिश करें। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि पवन सिंह का मामला सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे आज के दौर में राजनीति और सोशल मीडिया का मेल हर निजी बात को सार्वजनिक कर देता है। पहले जहां नेता अपने निजी मामलों को बंद दरवाजों में रखते थे, वहीं अब हर बात इंस्टाग्राम पोस्ट और वीडियो के जरिए जनता के सामने आ रही है। लोगों की राय भी बंटी हुई है। कुछ लोग पवन सिंह के समर्थन में हैं, उनका कहना है कि हर रिश्ते की अपनी जटिलताएं होती हैं, तो वहीं कई लोग ज्योति सिंह के पक्ष में खड़े हैं और कह रहे हैं कि एक महिला के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
छवि होगी सबसे बड़ी कसौटी
फिलहाल, दोनों अपनी-अपनी बात रख रहे हैं। पवन सिंह जनता से भावनात्मक जुड़ाव की बात कर रहे हैं, वहीं ज्योति सिंह सम्मान और न्याय की मांग कर रही हैं। लेकिन इस विवाद ने एक बार फिर दिखा दिया है कि सोशल मीडिया का युग हर छोटे मुद्दे को राष्ट्रीय खबर बना देता है। आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है। क्या दोनों सुलह की राह अपनाएंगे या मामला और बढ़ेगा? लेकिन इतना तो तय है कि बिहार की सियासत में यह मामला सिर्फ निजी विवाद नहीं रहा यह अब एक सार्वजनिक बहस बन चुका है, जहां लोग पवन सिंह के गानों की नहीं, उनके व्यवहार और जवाबदेही की चर्चा कर रहे हैं। भोजपुरी स्टार से नेता बने पवन सिंह के लिए आने वाले दिन बेहद अहम होंगे। क्योंकि अब जनता सिर्फ कलाकार को नहीं, बल्कि नेता को भी परख रही है। और राजनीति में, छवि ही सबसे बड़ा पूंजी होती है।


