Friday, October 30, 2026

पलामू में ऑनलाइन गेमिंग गैंग का भंडाफोड़, 7 साइबर अपराधी गिरफ्तार

पलामू: पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना पुलिस ने क्षेत्र में एक ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर भोले-भाले लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रही थी। हुसैनाबाद एसडीपीओ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विशेष छापामारी टीम (SIT) ने कार्रवाई करते हुए सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह “Khelooyaar.site” जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ‘महादेव बेटिंग ऐप’ से जुड़ी आईडी चला रहा था।

तीसरी मंजिल पर चल रहा था अवैध कारोबार

पुलिस को सूचना मिली थी कि हुसैनाबाद स्थित अनिल कुमार विश्वकर्मा के तीन मंजिला मकान में कुछ युवक ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के माध्यम से ठगी कर रहे हैं। पलामू एसपी के निर्देश पर गठित छापेमारी टीम ने मकान की तीसरी मंजिल पर बने दो अलग-अलग कमरों में 7 युवकों को ऑनलाइन गेमिंग करते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तार युवकों में झारखंड (बोकारो, रामगढ़, राँची), छत्तीसगढ़ (भिलाई) और बिहार (औरंगाबाद) के शातिर शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से 31 आइटम बरामद किए, जिनमें कई महंगे मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की डायरी और जियो फाइबर राउटर शामिल हैं।

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रोजाना 7-8 लाख रुपए का अवैध कारोबार

पूछताछ में गिरफ्तार युवकों ने स्वीकार किया कि वे ‘महादेव बेटिंग ऐप’ से जुड़े “Khelooyaar.site” प्लेटफॉर्म की Franchise ID-141 चलाते थे। साथ ही बताया की ग्राहकों से ऑनलाइन रुपये लेकर टोकन मनी देते थे और जीत-हार के आधार पर लेन-देन करते थे। इस नेटवर्क के माध्यम से प्रतिदिन 7 से 8 लाख रुपये तक का अवैध कारोबार किया जा रहा था, जिसमें 70% राशि प्रमोटर को और 30% फ्रेंचाइजी चलाने वाले इन युवकों को मिलती थी।

फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल

साइबर गिरोह ठगी के लिए एक शातिर तरीका अपना रहा थे। वे भोले-भाले ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर उनके दस्तावेजों पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर एटीएम, पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में रख लेते थे। ठगी की सारी रकम इन्हीं फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क को तीन मुख्य आरोपी- भिलाई के शेल्वी उर्फ मनीष, औरंगाबाद के राजन कुमार सिंह और प्रवीण भैया संचालित करते हैं। पुलिस अब इन मुख्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

एयर नाऊ स्पेशल

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