राँची: झारखंड में बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा मैट्रिक, इंटर, मध्यमा और मदरसा परीक्षाओं में परमानेंट एजुकेशन नंबर (PEN) को अनिवार्य किए जाने से ये छात्र परीक्षा से वंचित होने की कगार पर पहुँच गए हैं। दरअसल आधार डेटा मिसमैच और तकनीकी खामियों के कारण हजारों छात्रों का PEN जेनरेट नहीं हो पा रहा है।
Highlights:
PEN की अनिवार्यता, छात्रों पर पड़ रहा भारी
झारखंड अधिविध परिषद (जैक) और राज्य सरकार की संयुक्त व्यवस्था के तहत, वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के फॉर्म भरने के लिए PEN अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि APAR ID को वैकल्पिक रखा गया है। जिसके बाद से PEN जेनरेट न होने के कारण छात्र और अभिभावक अत्यंत चिंतित और परेशान हैं।
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PEN न बनने के मुख्य कारण
हजारों छात्रों का PEN न बन पाने के पीछे कई प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ी समस्या नाम, पिता के नाम की स्पेलिंग, या जन्मतिथि में मामूली त्रुटि है। ये छोटी-मोटी त्रुटियाँ भी PEN जनरेशन को तुरंत रिजेक्ट कर देती हैं।
वहीं पिछले कुछ दिनों से PEN सर्वर धीमा चल रहा है या एरर मैसेज दे रहा है, जिससे जनरेशन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो कई छात्रों का आधार पुराना है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अपडेट करने के लिए सेंटर मौजूद नहीं है। माता-पिता को प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी नहीं होने और आर्थिक तंगी के कारण दस्तावेज में सुधार नहीं करा पाने से दिक्कत आ रही है। वहीं, कुछ छात्रों का PEN बन चुका है, लेकिन डेटा मिसमैच के कारण स्कूलों के ड्रॉप बॉक्स में उनका नाम नहीं दिख रहा है, जिससे उनके आवेदन पर रोक लगा दिया गया है।
फॉर्म भरने की आखिरी तारीख नजदीक
मैट्रिक और इंटर के छात्रों को फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 5 दिसंबर है। फॉर्म भरने के लिए स्कूल-कॉलेजों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं। अभिभावकों को डर है कि यदि 5 दिसंबर तक PEN जनरेट नहीं हुआ, तो उनके बच्चों का पूरा साल बर्बाद हो सकता है।


