Tuesday, July 21, 2026

रांची में एक बार फिर हुई Gangwar, NCRB रिपोर्ट ने खोली पोल, पुलिस नज़र आई बेबस

एयरनाउ डेस्क :  राजधानी रांची में शनिवार देर रात पंडरा ओपी क्षेत्र के पिस्का मोड़ स्थित तेल मिल गली में दो गैंग आमने-सामने आ गए। पहले गाली-गलौज और मारपीट हुई और फिर अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। इस फायरिंग में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए। आकाश सिंह और विकास सिंह, जो संदीप थापा गिरोह से जुड़े बताए जाते हैं, को हाथ और छाती में गोली लगी, जबकि संजय पांडेय गिरोह से जुड़े रवि यादव को जबड़े में गोली लगी। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ आकाश और विकास को रिम्स रेफर किया गया और रवि यादव का इलाज ऑर्किड अस्पताल में जारी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह संघर्ष जमीन के सौदे से जुड़ा था। रिंग रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे की जमीन पर लगभग 55 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। संजय पांडेय के ऑफिस में पहले बैठक हुई थी, लेकिन पैसे के बंटवारे पर सहमति नहीं बनी और मामला सड़क पर उतर आया। घटनास्थल से दर्जनभर खोखे बरामद किए गए और पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है।

जनवरी के दूसरे सप्ताह से रांची में गोलीबारी की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ी हैं। 16 जनवरी को पंडरा क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक व्यक्ति पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। बरियातू और बड़गाईं जैसे पॉश इलाकों में भी 14 और 15 जनवरी को हवाई फायरिंग की घटनाएँ हुईं। इनका मकसद जान लेना नहीं बल्कि व्यापारियों और बिल्डरों को डराना था। जांच में पता चला कि जेल में बंद अपराधी अमन साहू और अन्य गिरोह व्हाट्सएप कॉल के जरिए रंगदारी मांग रहे हैं और पैसा न मिलने पर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग कर रहे हैं। नगड़ी और इटकी रोड पर भी एक व्यापारी की कार पर हमला इसी सिलसिले का हिस्सा माना जा रहा है।

लगातार घटनाओं के बाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है और रात में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुराने अपराधियों और उनके गुर्गों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। व्यापारियों को भरोसा दिलाया गया है कि वे किसी भी धमकी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि झारखंड हत्या दर के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है। प्रति लाख आबादी पर हत्या की दर लगभग 3.7 है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। पिछले तीन वर्षों में दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या 47,000 से बढ़कर 50,000 से ऊपर पहुँच गई है। खासकर रांची में हत्या, फायरिंग और गैंगवार की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

शहर में लगभग 70% हिंसक घटनाएँ जमीन विवाद और अवैध लेन-देन से जुड़ी होती हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध में झारखंड दहेज निषेध अधिनियम के तहत सबसे ऊँची दर दर्ज कर चुका है। रंगदारी और साइबर अपराध में भी 7 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। यह सब स्पष्ट करता है कि पुलिस प्रशासन की कोशिशों के बावजूद अपराधियों के बीच कानून का भय कम हुआ है और संगठित गिरोहों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर चुनौती दी है

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर