Tuesday, July 21, 2026

हाईवे व एक्सप्रेसवे पर अब इंतजार और लंबी लाइनों का झंझट खत्म, बिना रुके कटेगा टोल टैक्स

दिल्ली : राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब टोल प्लाजा पर रुककर टोल टैक्स देने की मजबूरी जल्द ही इतिहास बनने वाली है। केंद्र सरकार ने टोल वसूली की मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। इस नई प्रणाली के तहत पारंपरिक टोल प्लाजा और बैरियर पूरी तरह हटाए जाएंगे और वाहनों से चलते-फिरते ही स्वचालित तरीके से टोल वसूला जाएगा। इस व्यवस्था का पहला ट्रायल 26 जनवरी से हरियाणा और गुजरात में शुरू किया जाएगा।

हाई-रिज़ॉल्यूशन वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम शामिल

हरियाणा के राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा को इस नई प्रणाली के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है। यहां ओवरहेड स्ट्रक्चर लगाए गए हैं, जिनमें फास्टैग सेंसर, नंबर प्लेट रीडर कैमरे, लेजर डिवाइस और हाई-रिज़ॉल्यूशन वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम शामिल हैं। हाईवे के दोनों ओर लगभग 50 मीटर की दूरी पर चार अत्याधुनिक गेटवे लगाए गए हैं, जिनसे गुजरते ही वाहन की पहचान और टोल राशि अपने आप कट जाएगी। इसके बाद चालकों को न तो रुकना पड़ेगा और न ही लंबी कतारों में समय गंवाना होगा।

अधिकारियों का दावा है कि इस तकनीक से टोल चोरी पूरी तरह बंद हो जाएगी और 100 प्रतिशत वाहनों से टोल वसूली सुनिश्चित होगी। इससे सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, जबकि वाहन चालकों को समय की बचत, कम ईंधन खर्च और जाम से राहत मिलेगी। अगर यह ट्रायल सफल रहता है तो इसे पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू किया जाएगा।

डिवाइडर पर लोहे की ग्रिल लगाने का प्रस्ताव

वहीं, एनएच-44 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के मुकरबा चौक से लेकर पानीपत तक करीब 55 किलोमीटर के हिस्से में बीच के डिवाइडर पर आठ फुट ऊंची लोहे की ग्रिल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका मकसद पैदल यात्रियों को हाईवे पार करने से रोकना और जानलेवा हादसों को कम करना है। आंकड़ों के अनुसार, केवल 2025 में इस क्षेत्र में 418 सड़क हादसों में लोगों की मौत हो चुकी है।

वाहनों की गति पर भी नजर

नई टोल प्रणाली की एक अहम विशेषता यह भी है कि यह केवल टोल वसूली तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें लगे कैमरे वाहनों की गति पर भी नजर रखेंगे। यदि कोई चालक निर्धारित सीमा से अधिक तेज वाहन चलाता है, तो सिस्टम उसे स्वत पहचान लेगा और ट्रैफिक नियम उल्लंघन का चालान सीधे वाहन मालिक के पते पर भेज दिया जाएगा। इस तरह यह व्यवस्था टोल संग्रह के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी मजबूत करेगी।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर