Bihar : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है. अब पढ़ाई से जुड़ी किसी भी परेशानी के लिए विद्यार्थियों को सिर्फ स्कूल के समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. राज्य सरकार 15 अगस्त से ऐसी व्यवस्था शुरू करने जा रही है, जिसके तहत छात्र रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षकों से जुड़कर अपनी पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे. किसी विषय या टॉपिक को समझने में परेशानी होने पर छात्र ऑनलाइन शिक्षक की मदद ले सकेंगे.
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इस नई व्यवस्था की घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित एलएनएमआई में आयोजित AAGAAZ 2026 कार्यक्रम के दौरान की. सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए ज्यादा डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके डाउट्स का समय पर समाधान करना है.
रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षक रहेंगे उपलब्ध
बिहार में पहले से चल रहे बिहार स्कूल लाइव क्लासेस कार्यक्रम को अब और बेहतर किया जा रहा है. नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थी रात के समय भी ऑनलाइन क्लास से जुड़ सकेंगे. अगर किसी छात्र को किसी विषय में परेशानी है या किसी चैप्टर का कोई हिस्सा समझ नहीं आ रहा है, तो वह ऑनलाइन शिक्षक से अपनी समस्या पूछ सकता है.
इस सुविधा से खास तौर पर उन छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें स्कूल के बाद पढ़ाई के दौरान किसी विषय को समझने में दिक्कत होती है. सरकार डिजिटल माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई में अतिरिक्त सहायता देने की तैयारी कर रही है.
551 मॉडल स्कूलों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान राज्य के मॉडल स्कूलों को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 19 जुलाई को बिहार में 551 मॉडल स्कूलों का शुभारंभ किया गया था. इन स्कूलों में आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर पढ़ाई को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है.
मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, ई-लाइब्रेरी और तकनीक आधारित शिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसका फायदा खास तौर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है.
सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है. ग्रामीण इलाकों के छात्रों के लिए भी डिजिटल सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
211 ब्लॉकों में खोले जाएंगे डिग्री कॉलेज
बिहार सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी विस्तार की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि समीक्षा के दौरान राज्य के 211 ब्लॉकों में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं होने की जानकारी सामने आई थी. इसके बाद सरकार ने इन सभी ब्लॉकों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने का फैसला लिया.
सरकार के मुताबिक, 15 जुलाई से इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. इसका उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अपने क्षेत्र से दूर जाने की परेशानी को कम करना और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराना है.
कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कॉलेजों में शिक्षकों की कमी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि लंबे समय से नियमित कॉलेजों में शिक्षकों की कमी बनी हुई थी. इसे दूर करने के लिए स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई.
सम्राट चौधरी के मुताबिक, 10 अगस्त से नवनियुक्त शिक्षकों ने अलग-अलग कॉलेजों में योगदान देना शुरू कर दिया है. जिन 211 कॉलेजों को चिन्हित किया गया था, वहां शिक्षकों की नियुक्ति पूरी होने और पढ़ाई शुरू होने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही.
सरकार का लक्ष्य अगले तीन महीनों में राज्य के सभी कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की बहाली पूरी करना है. सरकार का कहना है कि इससे उच्च शिक्षा की व्यवस्था मजबूत होगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा.
सरकारी स्कूलों की पढ़ाई में बड़ा बदलाव
बिहार में स्कूल और कॉलेज स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं. रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षकों की सुविधा, 551 मॉडल स्कूलों में आधुनिक संसाधनों का विस्तार और 211 ब्लॉकों में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना इसी दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.


