रांची: पलामू के पूर्व सांसद व ओड़िशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रजमोहन राम 18 अक्टूबर को अपने पद की शपथ लेने के लिए ओड़िशा रवाना होंगे। इससे पहले गुरूवार को उन्होंने भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा भेज दिया है। ब्रजमोहन राम भाजपा में एससी मोर्चा के पलामू प्रमंडल प्रभारी के पद पर नियुक्त थे। उन्होंने साल 1996, 1998 और 1999 में हुए लोकसभा चुनाव में पलामू का प्रतिनिधित्व किया था। बता दें कि पिछले दिनों राष्ट्रपति ने ओड़िशा, केरल, तमिलनाडु व सिक्किम समेत 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति का ऐलान किया था।
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मीडिया में आया बयान अधूरा

ओड़िशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रजमोहन राम ने गुरूवार को एयर नाउ से खास बातचीत में कहा कि राज्यपाल बनाए जाने के बाद प्रतिक्रिया में दिए गए बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया था। पार्टी की जिम्मेदारी के रूप में काम करने संबंधी बयान उनका केवल भावनात्मक बयान था, इसका संवैदानिक पद पर निर्वहन करने की नई जिम्मेदारी से कोई लेनादेना नहीं है, मीडिया में पूरी बातचीत को नहीं दिखाया गया बल्कि सीमित व संपादित अंश दिखाकर उसे वायरल किया गया। राज्यपाल का पद संवैधानिक दायरे में होता है। सभी पार्टी उनके लिए समान हैं। उन्होंने कभी भाजपा के लिए काम करने की बात नहीं कही है। अपने दायित्वों के साथ सबके विकास के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता होगी।
राजनीतिक बयानबाजी से परहेज
राहुल गांधी व विपक्ष के दिल्ली में एसआईआर व मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ओड़िशा के नवनियुक्त राज्यपाल ने कहा कि चूंकि अब उन्हें एक संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसके निर्वहन में निष्पक्ष रहना बेहद जरूरी है, सभी दलों के साथ सामंजस्य रखना पहली प्राथमिकता होगी, ऐसे में इस मुद्दे पर कोई भी बयान देना सही नहीं होगा। ब्रजमोहन राम ने पार्टी के सभी पदों से भी इस्तीफा देने की बात कही।उन्होंने कहा कि अपना इस्तीफा उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को भेज दिया है, जल्द ही वह नई जिम्मेदारी संभालने के लिए ओड़िशा जाएंगे।
ओड़िशा का विकास पहली प्राथमिकता
इससे पहले बतौर राज्यपाल जिम्मेदारी संभालने को लेकर उन्होंने एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओड़िसा और वहां के लोगों का विकास, वहां की परिस्थितियों को बेहतर करना पहली प्राथमिकता होगी। जिस उम्मीद व आकांक्षाओं के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें अपने गृह प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरा करने का भरसक प्रयास करेंगे। भाजपा अनुसूचित जाति के प्रभारी रहे ब्रजमोहन राम ने कहा कि राज्यपाल के तौर पर उनके मनोनयन के साथ ही अब किसी राजनीतिक दल से उनकी संबद्धता नहीं रही है। वो अब सभी पार्टियों और समाज के प्रति समान भाव से सेवा का काम करेंगे।

