डेस्क : नेपाल सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 15 जनवरी से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री में नकद लेनदेन की अधिकतम सीमा पांच लाख नेपाली रुपये तय कर दी है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग तीन लाख रुपये के बराबर है। इस संबंध में 8 जनवरी को नेपाल गैजेट में एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया।
नोटिस के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, फर्म, कंपनी या संस्था पांच लाख नेपाली रुपये या उससे अधिक की किसी भी वस्तु या सेवा के लेनदेन में नकद भुगतान नहीं कर सकेगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2008 के तहत लिया गया है, जो नकद लेनदेन पर नियंत्रण का अधिकार देता है। सरकार का मानना है कि अधिक नकद लेनदेन से मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी वित्तपोषण और अन्य अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब नेपाल को एक बार फिर FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल किया गया है।


