बेंगलुरू : देशभर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और लोग नई-नई तरीकों से ठगी का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला बेंगलुरु से सामने आया है, जहां सिर्फ 22 साल के एक युवक ने हजारों बैंक अकाउंट के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की।
बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद उजैफ नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि इस अपराध में उसकी मां सबाना अब्दुल बारी भी शामिल थी, जिसे पुलिस ने हिरासत में लिया है। मां-बेटे पर ऑनलाइन ठगी के जरिए बड़े पैमाने पर पैसे इधर-उधर ट्रांसफर करने का आरोप है। पुलिस जांच में पता चला कि उजैफ बी.कॉम का छात्र था, लेकिन उसने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। इसके बाद उसने साइबर ठगी का नेटवर्क तैयार किया, जिसे “मनी म्यूल नेटवर्क” कहा जाता है। वह आसान पैसा कमाने के लालच में इस अपराध में शामिल हुआ।
मां और बेटा मिलकर सरकारी अस्पतालों और कॉलेजों में जाते थे। वहां वे गरीब और जरूरतमंद लोगों को 2,000 से 5,000 रुपये देकर उनके नाम पर बैंक अकाउंट खुलवाते थे। इसके बदले वे उनकी पासबुक, डेबिट कार्ड और चेकबुक ले लेते थे। बाद में ये सभी दस्तावेज दिल्ली में अपने साथियों को भेज दिए जाते थे, जो पैसों का लेन-देन और नकदी निकासी करते थे। पुलिस ने इस गिरोह के 9 सदस्यों को दिल्ली से भी गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इस गैंग के खिलाफ देशभर में 864 साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। कुल मिलाकर इन्होंने करीब 9,000 बैंक अकाउंट खोले और इनके जरिए लगभग 24 करोड़ रुपये का लेन-देन किया। यह मामला दिखाता है कि साइबर अपराध कितना संगठित और खतरनाक हो चुका है।


