रांची: झारखंड में वर्षों से लंबित पड़े 48 नगर निकायों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल करना भी शुरू कर दिया है। भले ही इस बार नगर निकाय चुनाव गैर-दलीय आधार पर कराए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राज्य की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियां पर्दे के पीछे से अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतार चुकी हैं।
Highlights:
गैर-दलीय चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव गैर-दलीय आधार पर कराने का फैसला लिया है। इसी वजह से किसी भी राजनीतिक दल की ओर से आधिकारिक उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद राजनीतिक दलों की सक्रियता साफ नजर आ रही है। नामांकन से पहले ही समर्थन, बैठकें और रणनीति तय की जा रही है, जिससे यह चुनाव पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगता दिख रहा है।
भाजपा कोर कमेटी बैठक में नामों पर सहमति
सोमवार को झारखंड भाजपा कार्यालय में कोर कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने की। इस बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ नेता और कोर कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में मेयर पद और नगर परिषद अध्यक्ष के लिए समर्थित उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम सहमति बनाई गई। इससे पहले 31 जनवरी को हुई बैठक में प्रत्येक सीट के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया था, जिस पर सोमवार को अंतिम निर्णय लिया गया।
रांची में रोशनी खलखो को समर्थन
रांची नगर निगम के लिए भाजपा ने पूर्व पार्षद रोशनी खलखो को मेयर पद के लिए समर्थन देने का फैसला लिया है। रोशनी खलखो चार फरवरी को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। हालांकि चुनाव गैर-दलीय है, इसलिए पार्टी की ओर से अधिकृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन समर्थित प्रत्याशियों के नाम जिलाध्यक्षों को भेज दिए गए हैं। इन नगर निगमों के लिए तय हुए समर्थित प्रत्याशी जानकारी के अनुसार, भाजपा ने कई प्रमुख नगर निगमों के लिए मेयर पद पर अपने समर्थित उम्मीदवार तय कर लिए हैं।
इनमें धनबाद से संजीव अग्रवाल, देवघर नगर निगम से रीता चौरसिया, आदित्यपुर नगर निगम से प्रभाषिणी कालुंडिया, चास नगर निगम से अविनाश कुमार, मानगो नगर निगम से बबीता सिंह, मेदिनीनगर नगर निगम से अरुणा शंकर, हजारीबाग नगर निगम से सुदेश चंद्रवंशी, गिरिडीह नगर निगम से डॉ. शैलेंद्र चौधरी, मधुपुर नगर निगम से नीति कुमारी है। इसके अलावा दुमका से अमिता रक्षित, गोड्डा से नारायण मंडल, बुंडू से राजेश उरांव और मानगो से संध्या सिंह को भी पार्टी का समर्थन मिलने की जानकारी सामने आई है।
जमशेदपुर क्षेत्र में मंथन जारी
जमशेदपुर के मानगो और जुगसलाई नगर निकायों को लेकर भाजपा में अभी मंथन जारी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यहां सामाजिक समीकरण, स्थानीय प्रभाव और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा। मानगो क्षेत्र में कई नामों को लेकर अंदरखाने राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, जिनमें कुछ नेताओं की पत्नियों के नाम भी चर्चा में हैं। इधर कांग्रेस ने भी रांची नगर निगम से मेयर पद के लिए पूर्व मेयर रमा खलखो को प्रत्याशी बनाने की घोषणा कर दी है। रमा खलखो भी मंगलवार को ही नामांकन दाखिल करेंगी। इससे साफ है कि गैर-दलीय चुनाव के बावजूद कांग्रेस भी खुलकर मैदान में उतर चुकी है।
आदर्श आचार संहिता पर उठे सवाल
गैर-दलीय चुनाव में खुले तौर पर राजनीतिक समर्थन दिए जाने से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का सवाल भी खड़ा हो रहा है। हाल ही में जयराम महतो की पार्टी जेएलकेएम पर नगर परिषद प्रत्याशी को समर्थन देने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। अब भाजपा और कांग्रेस जैसे बड़े दलों की सक्रियता के बाद नजरें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह इस पर क्या कार्रवाई करता है। नगर निकाय चुनाव भले ही गैर-दलीय हों, लेकिन राजनीतिक दलों की रणनीति और समर्थित प्रत्याशियों की घोषणा से यह साफ हो गया है कि शहरी चुनाव पूरी तरह राजनीतिक माहौल में लड़े जाएंगे। आने वाले दिनों में अन्य दलों की ओर से भी समर्थित उम्मीदवारों की सूची सामने आने की संभावना है, जिससे चुनावी सरगर्मी और तेज होगी।


