छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। राज्य का मोस्ट वांटेड नक्सली नेता देवा बारसे ने शनिवार को हैदराबाद में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। देवा बारसे के साथ 20 अन्य नक्सलियों ने भी हथियार डाल दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल संगठन के कमजोर पड़ने का बड़ा संकेत मान रही हैं।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में होगी जानकारी
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से फरार चल रहा देवा बारसे पहले मुलुगु जिला पहुंचा था, जहां से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उसे हैदराबाद लेकर गईं। बताया गया है कि शनिवार दोपहर करीब 3 बजे पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। इसमें देवा बारसे की नक्सल संगठन में भूमिका, उस पर दर्ज मामलों और आगे की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

कई बड़े हमलों में रहा है शामिल
देवा बारसे को छत्तीसगढ़ के सबसे खतरनाक और सक्रिय नक्सली नेताओं में गिना जाता रहा है। वह नक्सल संगठन में फ्रंटलाइन लीडर था और कई बड़े हमलों का नेतृत्व कर चुका है। साल 2013 में झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं पर हुए नक्सली हमले में उसकी अहम भूमिका बताई जाती है। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके अलावा 26 अप्रैल 2023 को अरनपुर इलाके में हुए नक्सली हमले में भी उसका नाम सामने आया था, जिसमें 10 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सुकमा और दंतेवाड़ा के कई बड़े नक्सली ऑपरेशनों की योजना बनाने वाली कमेटी में भी देवा बारसे शामिल था और वह अक्सर खुद मौके पर मौजूद रहकर हमलों का नेतृत्व करता था।

सुकमा और बीजापुर में मुठभेड़
देवा बारसे के सरेंडर की खबर के बीच छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। शनिवार सुबह सुकमा और बीजापुर जिलों में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 नक्सली मारे गए। सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके में हुई मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर किए गए, जबकि बीजापुर जिले में 2 नक्सली मारे गए। बीजापुर में मारे गए नक्सलियों के शव और हथियार सुरक्षाबलों ने बरामद कर लिए हैं।
सर्च ऑपरेशन जारी
फिलहाल दोनों इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा कारणों से मुठभेड़ के सटीक स्थान और ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। बीजापुर में नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के बाद डीआरजी की टीम को नक्सल विरोधी अभियान पर भेजा गया था। शनिवार तड़के नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। सुबह करीब 5 बजे से रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।
इससे पहले 25 दिसंबर 2025 को कंधमाल जिला में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 6 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें सेंट्रल कमेटी का सदस्य गणेश उईके भी शामिल था, जिस पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, बीएसएफ और एसओजी की टीमें शामिल थीं।
नक्सल संगठन कमजोर
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बस्तर और आसपास के इलाकों में अब नक्सल संगठन के पास सिर्फ 200 से 300 हथियारबंद नक्सली बचे हैं, जो छोटे-छोटे समूहों में जंगलों में छिपे हुए हैं। एमएमसी (महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़) जोन लगभग खत्म हो चुका है और उत्तर बस्तर व माड़ डिवीजन से भी नक्सलियों का लगभग सफाया हो गया है। अब सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी चुनौती दक्षिण बस्तर डिवीजन को नक्सल मुक्त करना है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले 90 दिन इस अभियान के लिए बेहद अहम होंगे। कुल मिलाकर, देवा बारसे का सरेंडर और लगातार मुठभेड़ों में नक्सलियों का मारा जाना यह दिखाता है कि सरकार की सख्त रणनीति, मजबूत खुफिया तंत्र और सरेंडर नीति के चलते नक्सल संगठन अब दबाव में है। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सलवाद के अंत की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही हैं।


