प्रयागराज : महाकुंभ के बाद आज से प्रयागराज में वर्ष का पहला माघ मेला शुरू हो गया है। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर भोर से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से दोपहर तक 7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। मेला प्राधिकरण का अनुमान है कि दिनभर में यह संख्या 15 लाख तक पहुंच सकती है।
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स्नान-दान के बाद दर्शन का क्रम
पौष पूर्णिमा पर संगम स्नान के बाद श्रद्धालु अक्षयवट और लेटे हनुमानजी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिरों और घाटों पर दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। प्रशासन की ओर से स्नान घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। माघ मेले की सुरक्षा को देखते हुए 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मेले की निगरानी AI तकनीक से लैस CCTV कैमरों के जरिए की जा रही है। इसके अलावा ATS और NIA के कमांडो भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। प्रशासन ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।

दो फर्जी बाबा गिरफ्तार
मेले के पहले ही दिन पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए दो फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार किया है। इनके पास से फर्जी आधार कार्ड और नकली नोट बरामद हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनके पीछे कोई संगठित गिरोह तो नहीं है।
सीएम योगी के सख्त निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर व्यवस्थाएं संभालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं होनी चाहिए और लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योगी सरकार माघ मेले को मिनी कुंभ के रूप में आयोजित कर रही है। यह मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और 15 फरवरी तक चलेगा। मेले को 7 सेक्टरों में बांटा गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 8 किलोमीटर लंबे स्नान घाट बनाए गए हैं। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के चेंजिंग रूम भी स्थापित किए गए हैं।
यातायात व्यवस्था में बदलाव
भीड़ को देखते हुए 2 जनवरी की रात 8 बजे से मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। संगम नोज पर केवल प्रशासकीय और चिकित्सीय वाहनों को ही जाने की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था 4 जनवरी की सुबह तक लागू रहेगी।
कल्पवास की भी शुरुआत
माघ मेले के साथ ही कल्पवास भी शुरू हो गया है। कल्पवासी 45 दिनों तक गंगा तट पर रहकर पूजा-अर्चना और साधना करेंगे। माघ मेला होने के कारण इसमें अखाड़ों की पेशवाई नहीं निकाली जाती और न ही शाही स्नान की परंपरा होती है। कुल मिलाकर, माघ मेले का पहला दिन श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ। प्रशासन और श्रद्धालुओं के सहयोग से आने वाले दिनों में भी मेले के सफल आयोजन की उम्मीद जताई जा रही है।
दातून बॉय आकाश की थार में एंट्री
महाकुंभ में दातून बॉय के नाम से पहचान बनाने वाले आकाश थार भी माघ मेले में प्रयागराज पहुंचे हैं। उन्होंने मेले में दातून का कैंप लगाने का ऐलान किया है।


