दिल्ली: बजट सत्र के दौरान संसद का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। मंगलवार को बजट सत्र के 10वें दिन लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका। आज सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। नारेबाजी और शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। स्थिति को देखते हुए चेयर पर मौजूद पीसी मोहन ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले।
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लोकसभा के बाहर राहुल गांधी का बयान
इससे पहले लोकसभा के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुक कॉन्ट्रोवर्सी को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि या तो पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर पेंगुइन। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उन्हें भरोसा है कि जनरल नरवणे झूठ नहीं बोलेंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
महिला सांसदों की स्पीकर से अपील
मंगलवार को बीजेपी की महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महिला सांसदों ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी सांसद सदन की मर्यादा तोड़ते हुए ट्रेजरी बेंच के अंदर तक घुस गए, टेबल पर चढ़ गए और प्रधानमंत्री की सीट को घेरने जैसी हरकतें कीं। महिला सांसदों ने कहा कि 4 फरवरी को लोकसभा में जो घटनाएं हुईं, वे बेहद खतरनाक थीं और उनके गंभीर परिणाम हो सकते थे। उन्होंने इसे भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे बुरे पलों में से एक बताया।
कड़ी कार्रवाई की मांग
महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखे पत्र में कहा कि सदन के अंदर इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करती हैं। उन्होंने आग्रह किया कि नियमों के तहत उन विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने लोकसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। लगातार हो रहे हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच संसद का माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में बजट सत्र के शेष दिनों में कार्यवाही सुचारू रूप से चल पाएगी या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


