Saturday, September 12, 2026

लाठी-गोली-बंदूक-आंसू गैस से छात्रों की आवाज नहीं होगी बंद, 10 अगस्त का दिन राज्य के लिए काला दिवस : आदित्य साहू

रांची: झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने छात्रों के द्वारा विधानसभा घेराव के दौरान की गई बर्बरतापूर्ण पुलिसिया कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर राहुल गांधी को जिम्मेवार ठहराया। प्रेस वार्ता में मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाइक, अजय राय और प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को कुचलने और दबाने के लिए कंटीले तार लगाए गए, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर छात्रों पर अत्याचार किया गया। छात्राओं के कपड़े तक फाड़ दिए गए, मीडिया तक को भी नहीं छोड़ा गया, कैमरे तोड़े गए, उन्हें पीटा गया। यह सारी चीज राज्य सरकार द्वारा राहुल गांधी के इशारे पर किया गया है।

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झारखंड के मुद्दे पर राहुल चुप क्यों

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आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली एवं भाजपा शासित दूसरे राज्यों में गला फाड़ फाड़ कर छात्रों के मुद्दे उठाते हैं और लेकिन झारखंड के मामले पर उनके मुंह पर ताला जड़ जाता है। राहुल गांधी को छात्रों के नाम पर देश को गुमराह करने और सुविधा की राजनीति करने के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से हेमंत सरकार चल रही है। राहुल गांधी मोबाइल से छात्रों से बात करके उन पर दबाव डालने का काम करते हैं परंतु उन्होंने छात्रों के सीबीआई जांच की डिमांड को लेकर कभी भी राज्य सरकार पर दबाव डालने का काम नहीं किया। राहुल गांधी में अगर थोड़ी भी नैतिकता है तो राज्य के छात्रों के साथ सीएम के दरवाजे पर धरना देने का काम करें। अगर उनकी बात सरकार नहीं सुनती है तो उन्हें तत्काल सरकार से समर्थन वापस लेकर छात्रों के मुद्दे पर लड़ाई लड़नी चाहिए।

झारखंड के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब?

उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी देश के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगते हैं वहीं दूसरी ओर झारखंड के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कभी बात नहीं करते। राहुल गांधी को प्रयागराज जाने से पहले झारखंड आकर यहां के छात्रों से वार्ता करनी चाहिए थी। राहुल गांधी का यह दोहरा रवैया नहीं चलेगा। राहुल गांधी को राज्य सरकार पर छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का दबाव बनाना चाहिए। लेकिन राहुल गांधी ऐसा कदापि नहीं करेंगे क्योंकि वह सत्ता की मलाई खा रहे हैं।

काला दिवस के रूप में दर्ज

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उन्होंने कहा कि गोली, लाठी, बंदूक, वाटर कैनन और आंसू गैस से छात्रों की आवाज को बंद नहीं किया जा सकता है। लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ जिस प्रकार सुलूक किया गया, 10 अगस्त का दिन झारखंड राज्य के लिए काला दिवस के रूप में दर्ज हो गया है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार संसद के अंदर बाहर एनडीए के सांसदों ने झारखंड में बच्चों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, मार्च किया, यह बड़ी बात है। छात्रों को पार्टी आश्वस्त करती है पूरे देश भर के एनडीए के सांसद पूरी मजबूती के साथ बच्चों के साथ खड़े हैं। अब यह आंदोलन केवल झारखंड का नहीं बल्कि पूरे देश का आंदोलन बन चुका है।

अमित शाह सदन में चर्चा को तैयार

आदित्य साहू ने कहा कि राहुल गांधी सदन में चर्चा से भागते हैं। अमित शाह सदन में चर्चा को तैयार हैं लेकिन राहुल गांधी चर्चा से डरते हैं। इनका काम देश को गुमराह करना रह गया है। राहुल गांधी ने संसदीय इतिहास की सारी गरिमा को तार-तार कर दिया है। यह देश में अराजकता और झूठ के पोस्टर बॉय का प्रतीक बनकर रह गए हैं। राहुल गांधी ने झूठ की खेती करके भ्रम फैलाकर संसद को हाईजैक किया हुआ है। इनका मकसद केवल अराजकता फैलाना है। उसी प्रकार की अराजकता राहुल गांधी झारखंड में फैलाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। लेकिन छात्रों ने उनके इस मकसद पर पानी फेर दिया है।

मर्यादा की मिसाल कायम की

आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में बच्चों ने अपने पूरे आंदोलन में मर्यादा की मिसाल कायम की है। किसी नेता या दल के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया। लेकिन जंतर मंतर में दिल्ली की धरती से पीएम को भद्दी भद्दी गालियां देने का काम किया गया। उनकी दिवंगत मां तक को भी नहीं बख्शा गया।

सीएम के बयान पर सवाल

उन्होंने सीएम के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों के काम की सराहना करते हुए सम्मानित करने की बात कही गई है। आदित्य साहू ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना, कपड़े फाड़ना और दमनात्मक कार्रवाई करना आखिर कौन सा अच्छा काम है।

आदित्य साहू ने छात्रों पर हुए अत्याचार के खिलाफ भाजपा द्वारा बुलाए गए झारखंड बंद को पूरी तरह सफल बताया। कहा कि देर रात में घोषणा करने के बावजूद राज्य भर में व्यापक जनसमर्थन देने के लिए जनता का आभार। साथ ही कार्यकर्ताओं और मीडिया का भी उन्होंने आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी।

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