Saturday, June 13, 2026

अत्यधिक गरीबी से मुक्त हुआ देश का पहला राज्य – केरल

केरल: पूरे एशिया में आज अमीर देशों के मुकाबले गरीब देश ज्यादा देखने को मिलती है। जपान, चीन, कतर, ओमन, यूएई, सऊदी अरब, जैसे अवीर देश शामिल हैं। इन देशों की लिस्ट में अब भारत नहीं आता है। लेकिन, अब भारत तेजी से आर्थिक तरक्की की तरफ बढ़ रहा है। इसकी शुरूआत केरल से हुई है। केरल सरकार का मानना है कि अब केरल में अत्यंत गरीब परिवार नहीं हैं। अब तो केरल में बस अमीर, मिडिल क्लास, और लोवर मिडिल क्लास परिवार ही रहते हैं।

केरल सरकार ने गरीबों के लिए बनवाए घर 

आजतक ऐसी घोषणा करने की हिम्मत किसी अन्य राज्य के सरकार ने नहीं जुटाई है। केरल सरकार ने इसके लिए 73 हजार मोइक्रो प्लान बनाए और निगरानी की, जिसके कारण अब केरल में कोई गरीब परिवार नहीं रहता है। केरल में रहने वाले सभी परिवार के पास अपने घर हैं, पहले जिन परिवार के पास घर नहीं था, उन परिवारें को केरल सरकार ने 10 लाख रूपए घर बनाने के लिए दिए। अब अगर देखा जाए तो केरल में रहने वाले हर परिवार के पास रहने का छिकाना है, कोई बिना घर का नहीं है।

केरल में नहीं रही अब अत्यधिक गरीबी

पिनाराई सरकार ने राज्य से गरीबी हटाने के लिए 2021 में अत्यधिक गरीबी उन्मूलन परियोजना शुरू की थी। इसके तहत 64,006 परियोजना की पहचान की गई थी। केरल सरकार का यह दावा है कि 4 सालों के दौरान इन परिवारों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाल लिया गया है। सरकार ने 25 अक्टूबर को X पर कहा था, कि राज्य से अब अत्यधिक गरीबी खत्म हो गई है। सीएम ने कहा था कि 1000 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ राज्य सरकार ने गरीबी से जूझ रहा परिवारों को हर रोज खाना, स्वास्थ्य सेवाएं, घर, जरूरी दस्तावेज जैसे राशन कार्ड, आधार कार्ड, पेंशन, और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।

केरल ने बनाया रिकार्ड

केरल सरकार की इस घोषणा से राष्ट्रीय रिकार्ड बन गया है। आपको जानकर हैरानी होगी की वर्तमान समय में भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया में ऐसा कोई देश नहीं है, जहां गरीब लोग न रहते हों। केरल से अत्यांत गरीबी खत्म होने की आधिकारीक घोषणा सरकार ने 1 नवंबर को की है। इसे के साथ यह पद हासिल करने वाला अभी तक केरल ही इकलौता राज्य बन गया है। सरकार और सामाजिक भागीदारी से केरल एक बार फिर देश के लिए रोल मॉडल बन गया है।

कब कोई गरीब नहीं 

केरल के सीएम पिनाराई विजायन के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि जिनकी आय प्रतिदिन 158 रूपये से कम है. वहीं मात्र अत्यंत गरीब की श्रेणी में आता है। पिनाराई विजयन के अनुसार अब केरल में कोई ऐसा वक्ति नहीं है, जिसकी आय अब 158 रूपए से कम है। केरल ने इसके अलावा आगे भी बहुत कुछ किया है। जैसे, भोजन, आय, स्वाथ, और सबसे जरूरी आवास को आधार बनाया है। इसमें सामाजिक संगठनों ने सरकार की काफी मदद की है।

14 सदस्यीय टीम ग्रांउड

केरल सरकार ने यह मुकाम हासिल करने के लिए समाजिक संगठनों से एक 14 सदस्यीय टीम ग्रांउड पर उतारी थी। इस टीम ने बेघर, बेरोजगार समेत लोगों की अन्य समस्याओं को मार्क किया। इसके बाद एक योजना बनाई, जिसके बाद जरूरत के हिसाब से सभी तक सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाई गईं। यही कारण है कि आज केरल अपनी एक अलग पहचान बना लिया है।

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