मुंबई के व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल में शुक्रवार को Celebrate Cinema 2025 का समापन समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम एक साथ नजर आए। समारोह का उद्देश्य भारतीय सिनेमा की ताकत, रचनात्मकता और वैश्विक पहचान को सम्मान देना था।
गौतम अडानी ने किया कार्तिक आर्यन को सम्मानित
इस मौके पर अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अभिनेता कार्तिक आर्यन को उनकी फिल्म चंदू चैंपियन के लिए सम्मानित किया। मंच पर डॉ. प्रीति अडानी, सुभाष घई, राजकुमार हिरानी, जैकी श्रॉफ और महावीर जैन जैसी हस्तियां मौजूद रहीं।
सॉफ्ट पावर ऑफ सिनेमा
गौतम अडानी ने भाषण में कहा कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की पहचान और भावना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भारतीय सिनेमा की ताकत इतनी है कि यह भारत की संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में पहुँचा सकता है। उनका संदेश था, “अब वक्त आ गया है जब भारत की कहानी, भारतीय नजरिए से दुनिया के सामने रखी जानी चाहिए।”
AI और फिल्ममेकिंग का भविष्य
अडानी ने AI के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे अपनाना चाहिए क्योंकि फिल्में और कंटेंट क्रिएशन में AI की भूमिका भविष्य में बड़ी होगी।
कार्तिक आर्यन की प्रतिक्रिया
जब कार्तिक आर्यन को सम्मानित किया गया, तो वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अडानी का भाषण उनकी जिंदगी की सबसे प्रेरणादायक स्पीच है और अब उनका AI के प्रति नजरिया बदल गया है। कार्तिक ने सुभाष घई को अपना मार्गदर्शक बताया और AI को देश का सबसे बेहतरीन फिल्म स्कूल माना।
सुभाष घई और राजकुमार हिरानी की बातें
सुभाष घई ने बताया कि कार्तिक उनके साथ फिल्म कांची में हीरो और असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि चंदू चैंपियन में कार्तिक ने अपने करियर का अब तक का सबसे बेहतरीन काम किया।
राजकुमार हिरानी ने कहा कि सिनेमा की असली सॉफ्ट पावर उसकी सच्चाई में है, जब फिल्में समाज की भावनाओं और संघर्षों को सही ढंग से दिखाती हैं।
जैकी श्रॉफ और महावीर जैन की शुभकामनाएं
जैकी श्रॉफ और महावीर जैन ने नई पीढ़ी के फिल्ममेकर्स को शुभकामनाएं दी और कहा कि भारतीय सिनेमा अब दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहा है।
सिनेमा: कला और राष्ट्रीय गर्व
Celebrate Cinema 2025 ने यह दिखाया कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं, बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। फिल्में समाज को जोड़ने, प्रेरित करने और भारत की नई पहचान बनाने की ताकत रखती हैं।
समापन और संदेश
समारोह के अंत में सुभाष घई ने कहा कि Celebrate Cinema सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सोच है — जो दिखाता है कि सिनेमा पर्दे पर ही नहीं, समाज में बदलाव ला सकता है।
इस तरह यह समारोह प्रेरणादायक और यादगार तरीके से समाप्त हुआ, और यह साबित कर दिया कि भारतीय सिनेमा अब संस्कृति, तकनीक और नई सोच का मजबूत प्रतीक बन चुका है।


