रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने जेट 2006 भर्ती घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने 69 असिस्टेंट प्रोफेसरों की प्रोन्नति (Promotion) पर रोक लगा दी है। यह कदम सीबीआई द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। सीबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन शिक्षकों पर जेट 2006 की चयन प्रक्रिया में अनियमितता, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप हैं।
जेट 2006 परीक्षा के आधार पर वर्ष 2008 में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति की गई थी। शुरुआत से ही इस भर्ती में गलत तरीके अपनाए जाने की शिकायतें सामने आती रहीं। मामला बढ़ने पर इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने जांच पूरी कर आयोग को संदिग्ध उम्मीदवारों की सूची भेजी, जिसके बाद JPSC ने तत्काल प्रभाव से प्रोन्नति प्रक्रिया रोक दी।
आयोग कुल 488 असिस्टेंट प्रोफेसरों को पदोन्नति देने की तैयारी में था, लेकिन सूची में शामिल 69 नामों पर संदेह होने के कारण उनकी प्रोन्नति रोक दी गई है। वहीं, 419 योग्य शिक्षकों की प्रोन्नति सूची शीघ्र जारी की जाएगी। जानकारी के अनुसार, कुछ आरोपी शिक्षक पहले ही जेल की सजा काट चुके हैं या उनके खिलाफ अदालती कार्रवाई जारी है।
JPSC ने संदिग्ध शिक्षकों से नियुक्ति से जुड़े सभी प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज दोबारा जमा करने को कहा है। उनके कागजात की जांच के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। आयोग का कहना है कि योग्य और बेदाग शिक्षकों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है, जबकि भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाने वालों को किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षकों में चिंता का माहौल है। कुछ का कहना है कि कई वर्षों से ईमानदारी से सेवा देने के बाद प्रोन्नति रोक देना उनके करियर पर नकारात्मक असर डाल रहा है। हालांकि, JPSC का रुख साफ है कि जांच पूरी होने तक कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता।
इधर, आयोग ने अन्य विभागों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन भी मांगे हैं। इनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है। JPSC का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
CBI रिपोर्ट आने के बाद जेट 2006 भर्ती घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। JPSC की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत मिलता है कि राज्य सरकार और जांच एजेंसियाँ भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शने के मूड में नहीं हैं।


