रांची: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बीते 14 दिनों से 14वीं जेपीएससी परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली व परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने राज्य सरकार से वार्ता करने वाले अपने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से दो पत्रकारों व एक अधिवक्ता को बाहर कर दिया, जिसके बाद अब प्रतिनिधिमंडल में केवल 8 सदस्य यानी छात्र रह गए हैं, जिसके बाद सरकार से वार्ता होने की उम्मीद बढ़ गई है. इससे पहले शुक्रवार को रांची के सदर एसडीओ एक बार फिर धरना स्थल पहुंचे और छात्रों से बातचीत की.
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छात्रों से मिले एसडीओ, होगी वार्ता
छात्रों से मुलाकात के दौरान एसडीओ ने उनकी समस्याओं व अन्य चीजों की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने धरनास्थल पर सफाई, बिजली व अन्य व्यवस्थाओं के बेहतर करने का छात्रों को भरोसा दिलाया. बातचीत के दौरान सरकार के साथ संभावित वार्ता को लेकर भी चर्चा हुई. छात्रों ने स्पष्ट किया कि किसी बाहरी व्यक्ति या राजनीतिक दल के प्रतिनिधि प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होंगे. छात्रों से बातचीत के बाद एसडीओ वापस लौट गए.
इधर एसडीओ के वापस लौटने के बाद छात्रों ने बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की. छात्रों की ओर से कहा गया कि सरकार के साथ बातचीत में किसी बाहरी या राजनीतिक व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा. इस घटनाक्रम के बाद सरकार और छात्रों के बीच संवाद की संभावना फिर से बनती दिखाई दे रही है. माना जा रहा है कि जल्द ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो सकती है.
मंत्री ने उठाया था सवाल
इससे पहले विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही में भाग लेने पहुंचे मंत्री सुदिव्य कुमार ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिक दलों के व्यक्ति होने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि सरकार छात्रों से वार्ता करने को तैयार है, किसी राजनीतिक दलों या कोचिंग संचालकों के प्रतिनिधियों से नहीं. बता दें कि गुरूवार को छात्रों की ओर से तय किए गए प्रतिनिधिमंडल में 8 छात्रों के अलावा दो पत्रकारों शंभुनाथ चौधरी व झारखंड के पूर्व महाधिवक्ता व बीजेपी नेता अजीत कुमार को रखा गया था.
10 अगस्त को विधानसभा घेराव
इधर छात्रों ने छात्र उलगुलान का एलान करते हुए आगामी 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा की है. छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और उनकी जायज मांगों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर और मुखर नहीं है. परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की भारी कमी के कारण 14वीं जेपीएससी व जेएसएससी की कई परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई. छात्रों की मांग है कि राज्य में खाली पड़े सभी पदों पर समयबद्ध तरीके से बहाली हो और इसके लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए. छात्रों ने दावा किया कि 10 अगस्त को होने वाला विधानसभा घेराव ऐतिहासिक होगा.


