रांची: जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की सीबीआई जांच समेत 14वीं जेपीएससी परीक्षा परिणाम को रद्द करने की मांग को लेकर 14 दिनों से आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में डुमरी विधायक जयराम महतो सामने आए हैं. शुक्रवार को उन्होंने ऐलान किया है कि वे आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में 9 अगस्त को पुराने विधानसभा परिसर में एक दिन का निर्जला अनशन करेंगे, ताकि छात्रों की मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया जा सके.
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विधानसभा अध्यक्ष से मांगी अनुमति
जयराम महतो ने बताया कि वह 9 अगस्त की सुबह 6 बजे से निर्जला अनशन पर बैठेंगे. इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो से मुलाकात कर अनुमति मांगी थी. उन्होंने बताया कि नए विधानसभा परिसर में इस तरह के धरना या अनशन की परंपरा नहीं है. इसी वजह से उन्हें पुराने विधानसभा परिसर में अनशन करने की अनुमति प्रदान की गई है.
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. उनके अनुसार, वह शुरुआत से ही छात्रों के साथ खड़े रहे हैं और भविष्य में भी उनके संघर्ष में हरसंभव सहयोग करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील और पारदर्शी निर्णय लेना सरकार की जिम्मेदारी है.
मंत्रियों से भी की मुलाकात
अनशन की घोषणा से पहले डुमरी जयराम महतो ने विधानसभा अध्यक्ष के अलावा स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन से भी मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से छात्र आंदोलन का जल्द और सकारात्मक समाधान निकालने की अपील की. उन्होंने कहा कि लंबे समय से जारी आंदोलन और भूख हड़ताल को देखते हुए सरकार को तत्काल पहल करनी चाहिए.
जयराम महतो ने अनशन पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ये छात्र किसी के बेटे-बेटियां हैं और उनकी सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. यदि आंदोलन लंबा खिंचता है तो छात्रों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए उनसे बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए.


