रांची: भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद सक्रियता दिखाते हुए जमशेदपुर का दौरा किया। यहां उन्होंने लापता छात्र कैरव गांधी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि भाजपा इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और बच्चे की बरामदगी के लिए हर स्तर पर दबाव बनाया जाएगा।
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पदभार ग्रहण के बाद जमशेदपुर रवाना
प्रदेश भाजपा कार्यालय में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने के बाद आदित्य साहू सीधे जमशेदपुर के लिए रवाना हुए। यह उनका पहला सार्वजनिक दौरा माना जा रहा है, जिससे संगठन में सक्रियता और संवेदनशीलता का संदेश गया है।
लापता कैरव गांधी के घर पहुंचे
जमशेदपुर पहुंचने के बाद आदित्य साहू लापता कैरव गांधी के आवास पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि भाजपा संकट की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और बच्चे की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान उनके साथ कई वरिष्ठ भाजपा नेता भी मौजूद रहे, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी और प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय शामिल थे।
सरकार पर साधा निशाना
परिजनों से बातचीत के दौरान आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में अपहरण की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य में यदि कोई उद्योग फल-फूल रहा है, तो वह अपहरण का उद्योग है। भाजपा लगातार प्रशासन पर दबाव बना रही है और कैरव को भी जल्द से जल्द खोज निकालने की मांग कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के निरंतर प्रयासों के कारण राज्य में 50 से अधिक लापता बच्चों को सुरक्षित बरामद किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कैरव गांधी के मामले में भी पार्टी चुप नहीं बैठेगी और हर मंच पर आवाज उठाई जाएगी।
एसएसपी और डीजीपी से मुलाकात का ऐलान
आदित्य साहू ने जिला अध्यक्ष को निर्देश दिया कि 24 जनवरी को जमशेदपुर के एसएसपी से मुलाकात कर कैरव की जल्द बरामदगी को लेकर ज्ञापन सौंपा जाए। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि 27 जनवरी को उनके नेतृत्व में भाजपा का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल झारखंड पुलिस मुख्यालय, रांची में डीजीपी से मुलाकात कर इस मामले में ज्ञापन देगा। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ संकेत मिला है कि नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में भाजपा लापता बच्चों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाने जा रही है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक कैरव गांधी सुरक्षित नहीं मिल जाता, तब तक दबाव और आंदोलन जारी रहेगा।


