रांची: झारखंड में पुलिस अधिकारियों के पदस्थापन को लेकर चल रही देरी ने अब तूल पकड़ लिया है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने राज्य सरकार और पुलिस प्राधिकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि जल्द ही नवप्रोन्नत अधिकारियों को पदस्थापन नहीं मिला, तो पुलिस बल सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगा।
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फाइलों में कैद प्रमोशन
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने बताया कि 25 जून 2025 को राज्य के 64 इंस्पेक्टरों को डीएसपी (DSP) पद पर प्रोन्नति दी गई थी। नियम के मुताबिक, प्रोन्नति का लाभ उसी दिन से मिलता है जिस दिन अधिकारी नए पद पर कार्यभार संभालता है। लेकिन विडंबना देखिए कि आदेश के 7 महीने बीत जाने के बाद भी इन अधिकारियों को नई पोस्टिंग नहीं दी गई।
प्रमोशन से पहले रिटायर हो रहे अधिकारी
पुलिस एसोसिएशन ने इस देरी को अधिकारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि 2 अधिकारी बिना पदस्थापन के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं 4 अन्य अधिकारी 31 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। जिनमें अखिलेश्वर प्रसाद मंडल, सरोज कुमार सिंह, शैलेश प्रसाद और विनोद उरांव शामिल हैं। बिना पदस्थापन के रिटायर होने के कारण इन अधिकारियों को न तो डीएसपी स्तर का वेतन लाभ मिल पा रहा है और न ही पेंशन में इसका कोई फायदा होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह उनकी वर्षों की सेवा का अपमान है।
एसोसिएशन के सदस्यों का आरोप है कि पुलिस कर्मियों की मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि “जब अधिकारियों को उनके हक के लिए ही तरसना पड़ेगा, तो इसका सीधा असर उनके कार्य निष्पादन पर पड़ेगा। पुलिस बल का मनोबल गिर रहा है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से शासन और प्रशासन की है।”
सरकार को आखिरी अल्टीमेटम
दरअसल 28 जनवरी को एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह सचिव वंदना दादेल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 31 जनवरी से पहले सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को न्याय नहीं मिला, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।


