झारखंड: झारखंड में हेमंत सरकार ने 28 नवंबर को अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पूरी कर ली है। और ऐसा लग रहा है हेमंत सोरेन की सरकार ने जो जो वादे इन एक सालों में पूरे नहीं किए उसको जल्द से जल्द पूरा करने के फिराक में। उसी को देखते हुए नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट आया है। दरअसल, झारखंड के 48 नगर निगमों और नगर निकायों के लंबे समय से लंबित चुनावों का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल किए गए जवाब के बाद अब यह भी स्पष्ट हो गया है कि राज्य में 30 मार्च तक नगर निकाय चुनाव संपन्न हो जाएंगे।

इस मामले में पूर्व पार्षद रोशनी खलखो की ओर से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान सोमवार को राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में कहा कि सरकार ने चुनाव संबंधी सभी तैयारियां और औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अब निर्वाचन आयोग को चुनाव की तारीख तय करनी है। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि ओबीसी की सूची, सीटों के आरक्षण, आबादी की सूची और संबंधित सभी जानकारियां राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध करा दी गई हैं। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने भी निकाय चुनाव कराने की प्रस्तावित समय-सीमा झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को एक सीलबंद रिपोर्ट में सौंप दी। आयोग की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि चुनाव की तैयारी में उसे कम से कम आठ सप्ताह का समय लगेगा। इसके बाद 45 दिनों के भीतर चुनाव की अधिसूचना जारी कर निर्वाचन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि वह प्रस्तावित टाइमलाइन के अनुसार चुनावी प्रक्रिया पूरी कर लें। मामले की सुनवाई कर रही झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने इस पूरी अवधि को जोड़ने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च निर्धारित की है। अगर सबकुछ तय समय सीमा में हुआ तो 30 मार्च से पहले निकाय चुनाव संपन्न हो जाएंगे ।


