झारखंड : झारखंड में होने वाले नगर निकाय आम निर्वाचन-2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं।हालांकि चुनाव की तारीखों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव चिन्हों से संबंधित आदेश जारी कर दिया गया है। इससे साफ है कि चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह चुनाव फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में कराए जा सकते हैं। इसे लेकर जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं।
इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के लिए चुनाव चिन्हों से संबंधित आदेश जारी कर दिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार, झारखंड की सभी नगरपालिकाओं में महापौर, अध्यक्ष, वार्ड पार्षद और वार्ड सदस्य पदों के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रतीकों पर ही चुनाव कराए जाएंगे। चास और फुसरो नगर निकाय भी इसमें शामिल हैं।
आदेश के अनुसार, महापौर और अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के लिए कई चुनाव चिन्ह तय किए गए हैं। इनमें एयर कंडीशनर, छड़ी, चूड़ियां, बैटरी टॉर्च, बेंच, बिस्कुट, बक्सा, ईंटें, बाल्टी, कैमरा, कार्पेट, सीसीटीवी कैमरा, चपाती रोलर, चिमनी, नारियल फार्म, कंप्यूटर माउस, हीरा, ड्रिल मशीन, बिजली का खंभा, बाँसुरी, फव्वारा, गैस का चूल्हा, हरी मिर्च, हेलमेट, आइसक्रीम, नेल कटर, कड़ाही, पेंसिल शार्पनर, पेट्रोल पंप, हाथ रेहड़ी, रूम कूलर, कैंची, जूता और कूदने की रस्सी जैसे कई प्रतीक शामिल हैं।
वहीं वार्ड पार्षद और वार्ड सदस्य पद के लिए अलग-अलग चुनाव चिन्ह निर्धारित किए गए हैं। इनमें अलमारी, बेबी वॉकर, बल्ला, साइकिल पंप, ब्लैक बोर्ड, ब्रीफकेस, केक, कैरम बोर्ड, चारपाई, सीटी, डीजल पंप, डम्बल, कुआं, फ्रॉक, उपहार, ग्रामोफोन, खिड़की, हेडफोन, लेटर बॉक्स, लंच बॉक्स, माइक, पैंट, पैन स्टैंड, फोन चार्जर, रेजर, रोड रोलर, रूम हीटर, सिलाई मशीन, स्लेट और मिक्सर ग्राइंडर जैसे प्रतीकों को मुक्त चुनाव चिन्ह के रूप में रखा गया है।
इसके अलावा, यदि किसी सीट पर उम्मीदवारों की संख्या अधिक होती है, तो सुरक्षित मुक्त प्रतीकों का भी उपयोग किया जाएगा। इनमें सेब, गुब्बारा, नाव, कंप्यूटर, क्रेन, गैस सिलेंडर, हारमोनियम, लैपटॉप, प्रेशर कुकर, रेफ्रिजरेटर, रोबोट, स्कूल बैग, टाइप मशीन, पानी का जहाज, फुटबॉल खिलाड़ी, फूलदान और साबुनदानी जैसे प्रतीक शामिल हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि महापौर/अध्यक्ष और वार्ड पार्षद/सदस्य पदों के लिए अलग-अलग चुनाव चिन्ह तय किए गए हैं। नामांकन पत्रों की जांच के बाद वैध प्रत्याशियों के नाम प्रपत्र-9 में देवनागरी वर्णक्रमानुसार सूचीबद्ध किए जाएंगे और उसी क्रम में उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। चुनाव चिन्हों की घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया है कि नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ेगी और जल्द ही चुनाव की तारीखों का ऐलान भी किया जा सकता है।


