रांची: झारखंड में निजी अस्पतालों और क्लिनिकों की निगरानी व्यवस्था में बदलाव की तैयारी हो रही है। नई व्यवस्था में मरीजों के अधिकारों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्पतालों के कामकाज और मरीजों से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
Highlights:
नई व्यवस्था के तहत अगर कोई मरीज या उसका कोई संबंधी मेडिकल रिकॉर्ड मांगता है, तो अस्पताल को 72 घंटे के अंदर रिकॉर्ड उपलब्ध कराना होगा। इसके साथ ही अस्पतालों और क्लिनिकों की जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। अस्पतालों और क्लिनिकों के रजिस्ट्रेशन से लेकर उनकी निगरानी तक की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी है। नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी भी पहले से ज्यादा प्रभावी तरीके से की जाएगी।
इसे भी पढ़े: OBC आरक्षण की मांग पर झारखंड के 5 जिलों गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची और लोहरदगा में बंद, आवागमन प्रभावित
पांच सदस्यीय समिति करेगी मसौदा तैयार
इस व्यवस्था में बदलाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पांच सदस्यीय समिति बनाई है। समिति मौजूदा नियमों में जरूरी बदलाव का प्रस्ताव तैयार करेगी। समिति की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा करेंगी। समिति में अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद और केपीएमजी के एक प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति को एक सप्ताह के अंदर नई व्यवस्था का मसौदा तैयार करना है।
क्या-क्या बदलाव होंगे?
नई व्यवस्था में अस्पतालों और क्लिनिकों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को डिजिटल और व्यवस्थित किया जाएगा। इनके रिकॉर्ड को भी ऑनलाइन रखने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी को मजबूत किया जाएगा। मरीजों को समय पर उनका मेडिकल रिकॉर्ड मिल सके, इसके लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जा रहे हैं। मरीज या उसके संबंधी की मांग पर अस्पताल को 72 घंटे के अंदर रिकॉर्ड देना होगा।
हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद हुई पहल
इस पूरी व्यवस्था में बदलाव की शुरुआत एक मामले के बाद हुई। रांची के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने पिता की वर्ष 2017 में एक निजी अस्पताल में हुई मृत्यु के बाद इलाज से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड मांगा था। आरोप है कि उन्हें रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।
इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य में अस्पतालों और क्लिनिकों के रजिस्ट्रेशन और निगरानी की व्यवस्था पर भी ध्यान गया। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में चल रहे सभी अस्पतालों और क्लिनिकों का रजिस्टर तैयार करने और उसे लगातार अपडेट रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने अस्पतालों की नियमित निगरानी के लिए विशेषज्ञों की फ्लाइंग स्क्वॉड बनाने का सुझाव भी दिया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन, रिकॉर्ड और नियमों के पालन की निगरानी पहले से अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।


