राँची/लातेहार: झारखंड सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ (नई दिशा) का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। पुलिस के बढ़ते दबाव और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की चाहत में आत्मसमर्पण करने वाले 11 नक्सलियों के लिए सरकार ने ₹22.86 लाख की आर्थिक सहायता राशि जारी कर दी है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब इन पूर्व नक्सलियों को समाज में नए सिरे से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
Highlights:
पुनर्वास के लिए मिली बड़ी राशि
लातेहार पुलिस के समक्ष हथियार डालने वाले नक्सलियों में कुख्यात लवलेश गंझू का नाम प्रमुख है। उसे सबसे अधिक 6 लाख रुपये की सहायता राशि आवंटित की गई है। इसके बाद अखिलेश यादव को ₹5.75 लाख दिए गए हैं। यह वित्तीय सहायता मुख्य रूप से पुनर्वास अनुदान, घोषित इनाम, हथियार के बदले नकद राशि, मकान का किराया और शिक्षण शुल्क जैसी विभिन्न मदों के लिए आवंटित की गई है।
लातेहार बना ‘सरेंडर हब’
झारखंड के नक्सल प्रभावित जिलों में लातेहार पुलिस ने शानदार सफलता दर्ज की है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में लातेहार में सबसे अधिक 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जो पूरे राज्य में एक रिकॉर्ड है। यह प्रशासन और पुलिस के प्रति नक्सलियों के बढ़ते विश्वास और हिंसा से उनके मोहभंग को दर्शाता है।
आर्थिक सहायता का पूरा विवरण
| नक्सली का नाम | सहायता राशि (₹ में) |
| लवलेश गंझू | 6,00,000 |
| अखिलेश यादव | 5,75,000 |
| मोजिंदर गंझु | 2,00,000 |
| ब्रह्मदेव गंझु | 1,32,000 |
| रघुनाथ सिंह | 1,28,000 |
| अनिल उरांव | 1,28,000 |
| संजय प्रजापति | 1,21,000 |
| अन्य (5 सदस्य) | 1,00,000 प्रत्येक |
| कुल योग | ₹22.85 लाख |
प्रशासन को उम्मीद है कि इस आर्थिक मदद और सफल पुनर्वास को देखकर अन्य नक्सली भी हथियार छोड़ ‘नई दिशा’ की ओर कदम बढ़ाएंगे।


