झारखंड : जयराम महतो ने हाल ही में एक जनसभा में दावा किया कि उन्हें मारने के लिए ₹5 करोड़ की सुपारी दी गई थी। इस खुलासे के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। मामला गंभीर होने पर वे सीधे संतोष कुमार गंगवार से मिलने राजभवन पहुंचे। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, “सुरक्षा कारणों से मैं फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
सुपारी देने की जानकारी देने वाले ने ही बचाई जान
महतो ने बताया कि उन्हें यह जानकारी उसी व्यक्ति ने दी जिसने सुपारी लेने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा, “जिसे सुपारी दी गई थी, वह मुझे जानता था। उसने यह काम करने से इंकार किया और मुझे पूरी बात बता दी।”
राज्यपाल से सुरक्षा को लेकर चर्चा
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान जय राम महतो ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने राज्यपाल से झारखंड पुलिस से रिपोर्ट मंगवाने की भी अपील की। इससे पहले भी महतो गृह मंत्रालय से Z श्रेणी की सुरक्षा मांग चुके हैं, लेकिन मंजूरी नहीं मिल पाई थी।
कोयलांचल के माफिया पर शक
इस खुलासे के बाद सियासी हलकों में कई सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि इस “सुपारी” के पीछे कोयलांचल क्षेत्र के माफिया गिरोहों का हाथ हो सकता है। जय राम महतो लगातार इन माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं।
अगले 7 दिन अज्ञातवास पर रहेंगे विधायक
मुलाकात के बाद जयराम महतो ने कहा, “मैं अगले सात दिन तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहूंगा और डॉक्टरों की सलाह पर आराम करूंगा।” उन्होंने सुरक्षा कारणों से फिलहाल सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग न लेने का निर्णय लिया है।
विपक्ष ने की पुलिस जांच की मांग
इस पूरे मामले पर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि अगर एक विधायक को इस तरह धमकी दी जा सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठता है।
राजनीतिक असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति को हिला सकता है, खासकर घाटशिला उपचुनाव के दौरान, जहां जय राम महतो की पार्टी सक्रिय भूमिका में है। जय राम महतो के सुपारी खुलासे से झारखंड की राजनीति में सुरक्षा और अपराध को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अब सबकी नजर सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर है।


