Lifestyle Desk: इंटरनेट पर इन दिनों ‘प्लास्टिक के अंडों’ को लेकर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो को देखकर लोगों के मन में डर बैठ रहा है कि कहीं बाजार में बिक रहे अंडे नकली तो नहीं हैं. लेकिन सच यह है कि ज्यादातर ये अफवाह साबित होते हैं. इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए FSSAI ने अंडों की जांच का एक आसान और भरोसेमंद तरीका बताया है, जिसे आप घर पर ही कर सकते हैं.
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पानी का गिलास और सामने सच
FSSAI के मुताबिक, अंडे की ताजगी जांचने का सबसे आसान तरीका ‘वॉटर टेस्ट’ है. इसके लिए आपको किसी मशीन या खास उपकरण की जरूरत नहीं होती. बस एक गिलास या गहरे बर्तन में पानी भरें और उसमें अंडा डाल दें. अब अंडे की हरकत को ध्यान से देखें, क्योंकि यही आपको उसका सच बताएगी. अगर अंडा पानी में डालते ही नीचे जाकर सीधा लेट जाता है, तो इसका मतलब है कि वह ताजा है और खाने के लिए सुरक्षित है. लेकिन अगर अंडा थोड़ा खड़ा हो जाए या ऊपर की तरफ तैरने लगे, तो यह संकेत है कि वह पुराना हो चुका है और उसे खाने से बचना बेहतर है.
अंडे का पीला और सफेद हिस्सा
अगर अंडा फोड़ते ही उसका पीला हिस्सा और सफेद हिस्सा आपस में मिल जाए, तो वह नकली या ‘प्लास्टिक का अंडा’ है. हालांकि FSSAI ने इसे पूरी तरह गलत बताया है. दरअसल, जैसे-जैसे अंडा पुराना होता है, उसकी अंदर की बनावट कमजोर होने लगती है. इसी वजह से पीला और सफेद हिस्सा आसानी से आपस में मिल जाते हैं. यानी यह सिर्फ अंडे के पुराने होने की निशानी है, नकली होने की नहीं.
पुराने अंडे पानी में तैरते क्यों हैं
अब सवाल यह उठता है कि पुराना अंडा तैरता क्यों है. दरअसल, अंडे के छिलके में बहुत छोटे-छोटे छेद होते हैं, जो हमें दिखाई नहीं देते. समय के साथ इन छेदों से अंदर की नमी धीरे-धीरे बाहर निकलती रहती है और उसकी जगह हवा भर जाती है. जैसे-जैसे हवा बढ़ती है, अंडा हल्का हो जाता है और पानी में तैरने लगता है. सोशल मीडिया पर दिख रहे ‘प्लास्टिक अंडे’ जैसे वीडियो पर तुरंत भरोसा करने की जरूरत नहीं है. अगर आपको कभी शक हो, तो बस एक गिलास पानी लें और यह आसान टेस्ट करके खुद ही अंडे की सच्चाई जान लें.


